धर्मार्थ संगठनों को प्राप्त होने वाले गुप्त दान पर कोई कर नहीं देना होगा जबकि उनकी कुल आय पर पाँच प्रतिशत कर देना होगा और यह राशि न्यूनतम एक लाख रुपए होगी।
वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने सोमवार को लोकसभा में वर्ष 2009-10 का बजट पेश करते हुए कहा कि धर्मार्थ संस्थाओं को प्राप्त होने वाले अनाम दान पर अभी तक कर लिया जाता है ताकि अनाम दान के रूप में ऐसी संस्थाओं में आने वाले लेखा (बाह्य धन) को रोका जा सके। फिर भी कुछ संगठन इन कानूनों का पालन करने में वास्तविक समस्याओं का सामना कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि इन संस्थाओं को होने वाली वास्तविक परेशानियों को कम करने के लिए इनको प्राप्त होने वाले अनाम दानों पर कर न लगाने का प्रस्ताव है। यह उनकी कुल आय का पाँच प्रतिशत तक या एक लाख रुपये तक (जो भी इनमें अधिक हो)के अंतर्गत होना चाहिए। |