बैंकों में सावधि जमा की ब्याज दर निरंतर कम होने के बीच कर्मचारी भविष्य निधि बोर्ड ने पहले की भाँति 2009-2010 के लिए भविष्य निधि की ब्याज दर 8.5 प्रतिशत बनाए रखने का निर्णय लिया, जिससे साढ़े चार करोड़ कर्मचारी लाभान्वित होंगे।
केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री मल्लिकार्जुन खड़के ने बोर्ड के न्यासियों की बैठक के बाद शनिवार को को बताया कि पिछले वित्त वर्ष की भाँति 2009-10 के लिए भविष्य निधि की ब्याज दर साढ़े आठ फीसदी बनाए रखने का निर्णय लिया गया है।
खड़गे ने कहा कि वैश्विक बाजार मंदी के दौर से गुजर रहा है और देश की अर्थव्यवस्था भी इससे प्रभावित हुई है। समस्त पहलुओं पर विचार करने के बाद ही यह निर्णय लिया गया।
यहाँ जारी सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार कर्मचारियों के प्रतिनिधियों ने ब्याज दर बढ़ाए जाने की माँग की और उन्होंने बोर्ड के निर्णय पर अपना विरोध भी दर्ज किया। बैठक में कर्मचारी भविष्य निधि कार्यालयों का कंप्यूटरीकरण तेजी से करने और उसकी कार्य प्रणाली में सुधार लाने के उपाय करने का निर्णय भी लिया गया।
बोर्ड ने केंद्र से दस प्रतिष्ठानों को कर्मचारी भविष्य निधि योजना से छूट देने की सिफारिश करने का भी निर्णय लिया।
शेयर बाजार में निवेश पर निर्णय टाला : ईपीएफओ ने 1.82 लाख करोड़ रुपए के कोष का 15 फीसदी शेयर बाजार में निवेश करने पर निर्णय टाल दिया। श्रम मंत्री ने बताया कि हम इस पर (शेयर बाजार में निवेश पर) अलग से विचार करेंगे। |