देश के प्रमुख वाणिज्य एवं उद्योग मंडल ने रेल बजट 2009-10 पर खुशी जाहिर करते हुए इसे प्रगतिशील और दूरगामी बताया है।
भारतीय वाणिज्य एवं उद्योग मंडल महासंघ (फिक्की) के अध्यक्ष हर्षपति सिंघानिया ने रेलमंत्री ममता बनर्जी द्वारा संसद में शुक्रवार को पेश रेल बजट पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यह प्रगतिशील और दूरगामी दृष्टि वाला है। उन्होंने कहा कि बजट में रेलमंत्री ने कई परियोजनाओं की घोषणा की है उनसे भारतीय रेलवे नयी पीढ़ी की प्रौद्योगिकी स्तर पर पहुँचेगी।
एसोसिएटेड चैम्बर ऑफ कामर्स एंड इंडस्ट्री ऑफ इंडिया (एसोचैम) के अध्यक्ष सज्जन जिंदल ने रेल बजट को लोगों और उद्योग के माकूल बताते हुए कहा कि यात्री और माल भाड़ा किराया में किसी प्रकार की वृद्धि नहीं होना ऐसे समय में काफी राहत देने वाली है जब आर्थिक मंदी का साया है।
जिंदल ने कहा कि बजट प्रस्तावों से समग्र विकास तो हासिल होगा ही साथ ही साथ रेलवे का विस्तार भी होगा।
अखिल भारतीय व्यापारी परिसंघ (कैट) के अध्यक्ष बीसी भरतिया और महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने रेल बजट को रेलवे की कीमती जमीन को सार्वजनिक-निजी भागीदारी की आड़ में बड़े औद्योगिक घरानों को दिए जाने का चतुराईभरा दस्तावेज बताया है।
दोनों ने कहा कि बजट में 50 बड़े रेलवे स्टेशनों को विश्वस्तरीय बनाना तथा रेलवे की जमीन पर बहुआयामी परिसर, नर्सिंग और मेडिकल कॉलेज के प्रस्ताव रेलवे में निजी क्षेत्र को प्रोत्साहित करने की ओर साफ संकेत देते हैं। |