सरकार को फंडों की उतार-चढ़ाव की प्रकृति से घरेलू अर्थव्यवस्था से रक्षा करने के लिए विदेशी पूँजी प्रवाह पर कराधान के कुछ उपाय करने चाहिए। संसद में पेश आर्थिक सर्वेक्षण में यह बात कही गई।
सर्वेक्षण के मुताबिक ‘‘2007-08 के घटनाक्रमों और एफआईआई निवेश, बाह्य प्रवाह एवं अंतरप्रवाह से कुछ निश्चित पूँजी प्रवाह की प्रकृति में उतार-चढ़ाव दर्ज किया गया।’’ ऐसे उतार-चढ़ाव अर्थव्यवस्था के वास्तविक क्षेत्रों के नकारात्मक रूप से प्रभावित करते हैं।
सर्वेक्षण में कहा गया है कि यद्यपि निजी पूँजी प्रवाह अर्थव्यवस्था के लिए दीर्घकालीन लाभ के साथ महत्वपूर्ण जोखिम वाली पूँजी उपलब्ध कराते हैं, ऐसे पूँजी प्रवाह की उतार-चढ़ाव की प्रकृति अल्पकाल में वास्तविक क्षेत्रों के लिए नकारात्मक साबित होती है। |