वैश्विक वित्तीय संकट का असर भारत में रोजगारों पर भी पड़ा और अक्टूबर-दिसंबर 2008 के दौरान लगभग पाँच लाख रोजगार खत्म हो गए। हालाँकि इस साल की पहली तिमाही में स्थिति सुधरने के संकेत मिले हैं।
केंद्र सरकार ने संसद में गुरुवार को पेश आर्थिक समीक्षा में यह जानकारी दी। श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के श्रम ब्यूरो के सर्वेक्षण के हवाले से समीक्षा में कहा गया है कि अक्टूबर दिसंबर 2008 के दौरान लगभग पाँच लाख कामगारों के रोजगार खत्म हुए और सबसे अधिक असर क्षेत्रों में रत्न एवं आभूषण, परिवहन तथा ऑटोमोबाइल पर पड़ा।
रोजगारों के खत्म होने का सिलसिला इस साल जनवरी में भी जारी रहा लेकिन श्रम ब्यूरो के 21 केंद्रों ने जनवरी-मार्च 2009 में जो सर्वे किया वह स्थिति में सुधार दर्शाता है। इस सर्वे के अनुसार चुनिंदा क्षेत्रों में ढाई लाख रोजगार बढ़े।
समीक्षा के अनुसार वाणिज्य विभाग ने 402 निर्यात इकाइयों में जो नमूना सर्वेक्षण किया, उसके अनुसार अगस्त 2008 से जनवरी 2009 के दौरान 1,09,513 नौकरियाँ समाप्त हो गईं। |