संकटग्रस्त सत्यम के प्रबंधन को वास्तविक चुनौतियों के साथ-साथ उन अफवाहों और गलत सूचनाओं से भी जूझना पड़ रहा है, जो विशेषकर उसके कर्मचारियों तथा उनके वेतन को लेकर हैं।
कंपनी के लिए शुक्रवार के दिन की शुरुआत कुछ इसी तरह की अफवाह से हुई। सत्यम के कुछ कर्मचारियों ने इस अफवाह को हवा दी की कंपनी ने एक आंतरिक ई-मेल जारी किया है, जिसमें छँटनी की बात है तथा अगले दो माह वेतन के बारे में अनिश्चितता जताई गई है।
हालाँकि बाद में स्पष्ट हुआ कि इस तरह का कोई आधिकारिक ई-मेल भेजा ही नहीं गया। सत्यम की प्रवक्ता ने कहा कि इस तरह का कोई ई-मेल नहीं है। उन्होंने कहा कि अनिश्चितता के मौजूदा हालात में इस तरह की अफवाहें फैल रही हैं।
उन्होंने कहा कि प्रबंधन अपने कर्मचारियों से संवाद कर उन्हें उनके भविष्य की सुरक्षा के बारे में उन्हें आश्वस्त करने के लिए हर संभव कदम उठा रहा है।
कंपनी के कार्यकारी सीईओ राम मेनापति के पूँजी चिंता का कारण है, संबंधी बयान के बारे में प्रवक्ता ने कहा कि शायद उन्हें गलत अर्थ में लिया गया है। उन्होंने कर्मचारियों की छंटनी संबंधी अटकलों तथा अफवाहों को पूरी तरह से खारिज कर दिया।
उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व खबर के मुताबिक कंपनी आने वाले दिनों में 15 हजार कर्मचारियों की छँटनी कर सकती है। साथ ही कंपनी को हर महीने कर्मचारियों को वेतन देने के लिए 500 करोड़ रुपए की जरूरत है और उसने स्वीकार किया है कि उनकी नकदी की स्थिति बहुत उत्साहजनक नहीं है।
कर्मचारियों ने कहा कि उन्हें कंपनी की ओर से एक मेल प्राप्त हुआ है, जिसमें दो महीने का वेतन रोकने की बात कही गई है और इसके लिए खेद व्यक्त किया गया है। |