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सत्यम कम्प्यूटर्स के खिलाफ जाँच शुरू
डैमेज कंट्रोल में जुटी सत्यम
रामलिंगा राजू द्वारा 7800 करोड़ रुपए के घोटाले के परिप्रेक्ष्य में इस्तीफा दिए जाने के बाद उत्पन्न संकट को दूर करने के प्रयास में सत्यम नुकसान की भरपाई (डैमेज कंट्रोल) में जुट गई है। कंपनी धन जुगाड़ने और कर्मचारियों का वेतन देने को प्राथमिकता दे रही है, जबकि सरकार और शेयर बाजार नियामक (सेबी) ने अपनी-अपनी जाँच शुरू कर दी है।

सेबी का एक दल आज सुबह हैदराबाद पहुँच गया, जिसने जाँच शुरू कर दी है, लेकिन पुलिस का अभी इस मामले में पदार्पण नहीं हुआ है। पुलिस का कहना है कि उसके पास कोई शिकायत नहीं दर्ज हुई है। आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री वाईएस राजशेखर रेड्‍डी ने कहा है कि इस मामले में केन्द्र सरकार को कार्रवाई करनी है।

कंपनी को मृतप्राय होने से बचाने के प्रयास में कार्यवाहक मुख्य कार्याधिकारी राम मैनमपति के नेतृत्व वाले शीर्ष प्रबंधन ने शीर्ष 100 ग्राहकों से संपर्क करना शुरू कर दिया है। इन्हीं सौ ग्राहकों से कंपनी को उसकी आय का 85 प्रतिशत मिलता है। मैनमपति ने राजू के खिलाफ कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया। राजू ने कल इस्तीफा दे दिया था।

राजू ने कई साल तक खातों में धाँधली का खुलासा कर सनसनी फैला दी थी। कंपनी के मुख्य वित्त अधिकारी वल्दामणि श्रीनिवास ने मैनमपति की मीडिया से बातचीत के दौरान ही इस्तीफा दे दिया।

इस बीच कंपनी के ऑडिटर प्राइस वाटर हाउस कूपर्स (पीडब्ल्यूसी) ने खातों में धाँधली पर सफाई देते हुए कहा कि ऑडिट की प्रक्रिया मान्य ऑडिट मानकों के अनुरूप संचालित की गई और यह उचित ऑडिट साक्ष्यों पर आधारित रही।

घोटाले में भूमिका के लिए सरकार और नियामकों की जाँच के घेरे में आई ऑडिट फर्म ने नियामक और अन्य के साथ सहयोग की प्रतिबद्धता पूरी करने की बात कही।

ऑडिटरों के नियामक आईसीएआई (इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड एकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया) ने पीडब्ल्यूसी की भूमिका की जाँच शुरू की है जबकि अमेरिका में दो कानूनी फर्मों ने न्यूयॉर्क और एम्स्टर्डम में सूचीबद्ध इस कंपनी के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। यह कार्रवाई उसने अंशधारकों की ओर से की है। दोषी पाए जाने पर सत्यम और उसके अधिकारियों को करोड़ों डॉलर हर्जाना देना पड़ सकता है। साथ ही कड़ी दंडात्मक कार्रवाई का सामना भी करना पड़ सकता है।

सत्यम और पीडब्ल्यूसी दोनों पर उनके महत्वपूर्ण ग्राहकों ने यह कहकर दबाव डालना शुरू कर दिया है कि वे इन संस्थानों के साथ अपने गठजोड़ की फिर से समीक्षा करेंगे।

राजू के ठिकाने के बारे में बरकरार असमंजस के बारे में मैनमपति ने कहा कि उन्हें नहीं पता कि राजू कहाँ हैं लेकिन अनुमान है कि वे हैदराबाद में हैं।

इधर बाजार विशेषज्ञों ने कहा है कि कंपनी कल फिर से बिकवाली के भारी दबाव में आ सकती है। कल रामलिंगा राजू द्वारा धोखाधड़ी के खुलासे के बाद कंपनी के बाजार पूँजीकरण में 10 हजार करोड़ रुपए की गिरावट आई थी।

मोहर्रम के मौके पर कारोबार बंद रहने के कारण कंपनी गुरुवार को बच गई। इस घोटाले के खुलासे के बाद अमेरिका और एम्स्टर्डम में भी सत्यम के शेयर का कारोबार रोक दिया गया। इधर बीएसई और एनएसई दोनों ने अपने बेंचमार्क सूचकांकों से सत्यम के शेयर को हटा दिया।

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