करोड़ों की धोखाधड़ी स्वीकारने के बाद इस्तीफा देने वाले सत्यम कम्प्यूटर्स के पूर्व मुख्य कार्यकारी अधिकारी बी. रामलिंगा राजू लापता गए हैं। इस बीच भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) की टीम कंपनी में हुए घोटाले की जाँच के लिए हैदराबाद पहुँच चुकी है।
कंपनी के अंतरिम सीईओ राम मेनामपति ने गुरुवार को सफाई देते हुए राजू के गायब होने की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि इस घटना से कंपनी को झटका लगा है, लेकिन हम निवेशकों को भरोसा दिलाना चाहते हैं कि उनकी सेवा जारी रहेगी। वे कंपनी पर भरोसा रखें।
अटकलें लगाई जा रही हैं कि राजू ने इस्तीफा देने के बाद हैदराबाद से टैक्सास (अमेरिका) के लिए उड़ान भरी है। सूत्रों का भी कहना है कि वे अमेरिका या दुबई में हो सकते हैं।
कंपनी के प्रवक्ता से जब पूछा गया कि क्या राजू ब्रिटिश टेलीकॉम सोल्यूशन कंपनी यूपेड द्वारा दर्ज किए गए मामले के संदर्भ में अमेरिका गए हैं तो उन्होंने कहा फिलहाल राजू कहाँ हैं, इस बारे में उन्हें कोई सूचना नहीं है। हालाँकि पुलिस सूत्रों को यह यकीन है कि राजू ने टैक्सास जाने के लिए हवाई टिकट खरीदा था।
अमेरिका द्वारा धोखाधड़ी के खिलाफ दायर किए गए मामले में यदि राजू दोषी साबित होते हैं तो उन्हें चौबीस साल की कैद या अरबों डॉलर का जुर्माना अदा करना पड़ सकता है। चूँकि कंपनी में जारी अनियमितताओं को जानते हुए भी निदेशकों ने इसे नजरअंदाज किया, लिहाजा उन्हें भी कानून के कटघरे में खड़ा किया जा सकता है।
भारत में भी राजू और उनके साथ घोटाले के अन्य आरोपियों को कंपनी एक्ट, सेबी एक्ट और सिक्युरिटी एक्ट के तहत क्रिमिनल कानून का सामना करना पड़ सकता है। आरोप सिद्ध होने पर उन्हें दस साल की कैद हो सकती है।
अमेरिका स्थित लॉ कंपनी ने सत्यम के खिलाफ न्यूयॉर्क की अदालत में क्लास एक्शन लॉ शूट दर्ज किया है। यह मामला सत्यम की अमेरिकी जमा राशि रसीदें खरीदने के लिए निवेशकों द्वारा दर्ज किया गया है। |