वैश्विक वित्त संकट के देश की अर्थव्यवस्था पर पडने वाले प्रभावों को रोकने के लिए जूझ रही सरकार को महँगाई के मुहाने पर थोड़ी और राहत मिली है। महँगाई की दर लगातार दूसरे सप्ताह आठ नवम्बर को 0.08 प्रतिशत गिरकर 8.90 प्रतिशत रह गई।
एक नवम्बर को समाप्त हुए सप्ताह में महँगाई की दर 1.74 प्रतिशत की आश्चर्यजनक गिरावट से 24 मई के बाद पहली बार नौ प्रतिशत से नीचे 8.98 प्रतिशत आई थी और लगातार दूसरे सप्ताह इससे नीचे रही।
आठ नवम्बर को महँगाई को नीचे लाने में मुख्य योगदान चाय, मक्का, हल्के डीजल तेल, उड्डयन ईंधन, नाफ्था, आयातित खाद्य तेल, गुड, प्लास्टिक उत्पादों और इस्पात आदि के मंदा होने से दर्ज की गई। हालाँकि इस दौरान फल-सब्जियाँ, चना, बाजरा, मसूर, अरहर, जौ आदि महँगे भी हुए।
सरकार की तरफ से जारी आँकड़ों के अनुसार प्राथमिक वस्तुओं की महँगाई की दर एक सप्ताह पहले के 11.01 प्रतिशत की तुलना में बढ़कर 11.66 प्रतिशत पर पहुँच गई। पिछले साल आलोच्य अवधि में यह 4.33 प्रतिशत थी।
खाद्य वस्तुओं की महँगाई पहले के 9.07 प्रतिशत की तुलना में आठ नवम्बर को समाप्त सप्ताह में बढ़कर 9.31 प्रतिशत पर पहुँच गई जो पिछले साल 10 नवम्बर को मात्र 2.34 प्रतिशत ही थी।
आँकड़ों की प्राप्ति पर सकल उपभोक्ता वस्तुओं का अंतिम थोक मूल्य सूचकांक 13 सितम्बर को समाप्त सप्ताह में प्रारंभिक 241.1 अंक की तुलना में 241.7 अंक पर स्थाई हो गया। इस अवधि में महँगाई की दर 12.14 प्रतिशत के मुकाबले 12.42 प्रतिशत पर टिक गई। |