उद्योग जगत ने आर्थिक तंत्र में मौद्रिक तरलता बढ़ाने के रिजर्व बैंक के नए उपायों का स्वागत करते हुए कहा है कि प्रवासी भारतीय जमा खातों पर ब्याज दर सीमा को समाप्त कर दिया जाना चाहिए।
भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) ने 15 नवम्बर को रिजर्व बैंक द्वारा मौद्रिक तरलता बढ़ाने के उपायों को सही दिशा में उठाया गया कदम बताया और कहा कि विदेशी मुद्रा प्रवासी भारतीय एफआरआई (बी) और प्रवासी भारतीय बाह्य (एनआईआई) जमा खातों पर 0.75 प्रतिशत तक ब्याज दर बढ़ाने का कदम स्वागत योग्य है।
हालाँकि उद्योग मंडल का अभी यही मानना है कि एफसीएनआर (बी) और एनआरआई खातों पर ब्याज की ऊपरी सीमा को समाप्त कर दिया जाना चाहिए। बैंकों को ब्याज दर तय करने की छूट दे दी जानी चाहिए।
बैंकिंग तंत्र में धन की तंगी का सबसे ज्यादा असर छोटी और मझौली ईकाइयों पर पड़ा है। |