केन्द्रीय इस्पात मंत्री रामविलास पासवान ने घोषणा की कि आने वाले समय में इस्पात के दाम और घटेंगे।
पासवान ने कहा कि इस्पात की अंतरराष्ट्रीय कीमतों, कच्चे माल की कीमतों और घरेलू माँग में वृद्धि होने से इस वर्ष जनवरी से अप्रैल तक इस्पात उत्पादों की कीमतों में वृद्धि हुई। बाद में सरकार द्वारा किए गए विभिन्न उपायों के कारण इस्पात की कीमतें स्वैच्छिक रूप से कम कर दी गईं।
जुलाई अगस्त के दौरान खुदरा बाजार में इस्पात की कीमतें स्थिर बनी रहीं। उन्होंने बताया कि इस्पात मंत्रालय ने अनेक बार इस्पात उत्पादकों के साथ विचार-विमर्श किया और उसकी चिन्ता को देखते हुए उत्पादकों ने अपनी खुदरा बिक्री कीमतें मई 2008 के स्तर पर बनाए रखने का निर्णय लिया, जिससे अगस्त और सितंबर में खुदरा कीमतें स्थिर रहीं।
उन्होंने कहा कि पिछले दो-तीन महीनों में यह आरोप लगाया गया कि इस्पात के मूल्य अलग-अलग चल रहे हैं। पर अब यह स्पष्ट निर्देश दे दिया है कि इस्पात का दाम एक ही होगा।
उन्होंने बताया कि उनका मंत्रालय इस्पात कीमतों की स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है। उन्होंने कहा कि इस्पात के दाम आने वाले समय में और घटेंगे। |