मुख पृष्ठ > खबर-संसार > व्यापार > समाचार > उत्तराखंड में भी नैनो के लिए जमीन पर मतभेद
सुझाव/प्रतिक्रियामित्र को भेजियेयह पेज प्रिंट करें
 
उत्तराखंड में भी नैनो के लिए जमीन पर मतभेद
उद्योगपति रतन टाटा की लखटकिया कार नैनो के संयत्र को पश्चिम बंगाल के सिंगूर से हटाने की घोषणा के बाद उस परियोजना को उत्तराखंड में स्थापित किए जाने की अटकलों के बीच यहाँ भी टाटा समूह को अतिरिक्त भूमि आवंटित करने के मुद्दे पर मतभेद शुरू हो गए है।

राज्य के कृषि मंत्री त्रिवेन्द्रसिंह रावत नें इस संयंत्र के यहाँ आने का स्वागत तो किया है, लेकिन उनका कहना है कि इसके लिए पंतनगर की कृषि योग्य भूमि आवंटित नहीं की जानी चाहिए।

रावत ने कहा कि राज्य में केवल 11 प्रतिशत कृषि योग्य भूमि है और यदि इस भूमि पर उद्योग बनी है तो यहाँ खेती को भारी नुकसान होगा। उन्होंने कहा कि वह कृषि योग्य भूमि पर उद्योग लगाए जाने का पहले भी विरोध करते रहे हैं और आगे भी करेंगे।

उल्लेखनीय है कि उत्तराखंड के पंतनगर में टाटा का ट्रक बनाने का एक संयत्र काम कर रहा है। इसके अलावा राज्य सरकार ने टाटा मोर्टस को पंतनगर विश्विद्यालय की पचास एकड़ भूमि मकान आदि बनाने के लिए देने की पेशकश की है।

कृषिमंत्री का कहना है कि पंतनगर क्षेत्र की कृषि भूमि को उद्योग अथवा आवास आदि के लिए नहीं दिया जाना चाहिए। पंतनगर विश्वविद्यालय के कुलपति बीएस बिष्ट का कहना है कि विश्वविद्यालय के हिस्से की कोई भूमि अभी टाटा समूह को भूमि आवंटित नहीं की गई है।
संबंधित जानकारी खोजें
और भी
बीएसएनएल उपलब्ध कराएगी ब्लैकबेरी सेवा
नैनो चली पर कहाँ, किसी को पता नहीं
वेल्स फार्गो वाकोविया का खरीदार
क्या है बेल आउट पैकेज
बेल आउट पैकेज को प्रतिनिधि सभा की मंजूरी
अभिनव बिंद्रा सैमसंग के ब्रांड एम्बेसेडर