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विरोध से विलय प्रभावित नहीं होगा
एसबीआई चेयरमैन ओपी भट्ट का ऐलान
स्टेट बैंक के कुछ अधिकारियों द्वारा सोमवार को स्टेट बैंक ऑफ सौराष्ट्र के भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) में विलय पर की गई हड़ताल पर एसबीआई के चेयरमैन ओपी भट्ट ने सख्त नाराजगी जाहिर की है। भट्ट ने कहा कि सहयोगी बैंकों का विलय कार्यक्रम 'कुछ लोगों' के विरोध से प्रभावित नहीं होगा। कर्मचारी तो विलय के पक्ष में हैं।

भट्ट ने कहा कि कुछ लोग हैं जिन्होंने कतिपय कारणों से हड़ताल की थी। उन्होंने कहा कि एसबीआई और सहयोगी बैंकों के कर्मचारी विलय से खुश हैं। विलय से कर्मचारियों के हितों पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

उन्होंने कहा कि यदि सौराष्ट्र बैंक के कर्मचारियों की बात की जाए तो वे प्रसन्न हैं। वे विलय से खुश हैं। यह ऐसा नहीं है कि एक झटके में कर दिया गया। इसके लिए पूरे एक वर्ष तक योजना पर काम किया गया और ऐसा कोई विवादास्पद मुद्दा नहीं उठा।

अन्य बैंकों का फैसला अनुभव से : भट्ट ने कहा कि अन्य सहयोगी बैंकों का विलय स्टेट बैंक आफ सौराष्ट्र के विलय के परिणामों पर निर्भर करेगा। उन्होंने कहा, विलय के अनुभवों के आधार पर आगे का फैसला लिया जाएगा।

एसबीआई और स्टेट बैंक ऑफ सौराष्ट्र के कुछ कर्मचारियों ने विलय का विरोध करते हुए सोमवार को हड़ताल की थी और बुधवार को सभी बैंक कर्मचारी इसके विरोध में हड़ताल करेंगे। उल्लेखनीय है कि वित्त मंत्रालय ने 14 अगस्त को एसबीआई में स्टेट बैंक ऑफ सौराष्ट्र के विलय को मंजूरी दे दी थी।

मानव संसाधन का मुद्दा 3 माह में सुलझेगा : सूत्रों ने बताया कि स्टेट बैंक ऑफ सौराष्ट्र अन्य सहयोगी बैंकों के विलय का मॉडल तैयार कर रहा है। किसी भी बैंक के लिए मानव संसाधन (एचआर) एकीकरण सर्वाधिक महत्वपूर्ण मुद्दा होता है।

एसबीएस के मामले में भी यह मुद्दा अभी तक सुलझ नहीं सका है। एक बार यह मुद्दा सुलझ जाएगा तो यह अन्य बैंकों के लिए मॉडल का काम करेगा। माना जा रहा है कि एसबीआई एसबीएस के साथ एचआर का मुद्दा आगामी 3 माह में सुलझा लेगा।
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