भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के अधिकारियों के हड़ताल पर चले जाने से बैंक और इसके सहयोगी बैंकों में कामकाज आंशिक रूप से प्रभावित हुआ है। एसबीआई में स्टेट बैंक ऑफ सौराष्ट्र के विलय का विरोध करते हुए इन बैंकों के अधिकारी हड़ताल पर थे।
एसबीआई के उप प्रबंध निदेशक (नेशनल बैंकिंग ग्रुप) सीतारमन ने बताया बड़ी संख्या में अधिकारी आज काम पर नहीं आए। मैं यह नहीं कह सकता कि इस हड़ताल से कारोबार का कितना नुकसान हुआ। गौरतलब है कि देशभर में एसबीआई और इसके सहयोगी बैंकों की 15 हजार शाखाओं में करीब 80 हजार अधिकारी कार्यरत हैं।
एसबीआई के अन्य अधिकारी ने कहा हड़ताल से निश्चित तौर पर बैंक की दैनिक गतिविधियाँ प्रभावित हुई हैं। कई अधिकारी विरोध प्रदर्शनों में शामिल हुए। आज की सांकेतिक हड़ताल के अलावा कर्मचारी यूनियनों ने भी 20 अगस्त को इसी मुद्दे पर देशव्यापी हड़ताल करने का ऐलान किया है।
यूनियनों ने कहा ऑल इंडिया बैंक एंप्लाईज एसोसिएशन द्वारा की जाने वाली हड़ताल में बैंकिंग उद्योग का एक अधिकारी संगठन और रिजर्व बैंक का एक कर्मचारी संगठन भी शामिल होगा।
इस बीच भाजपा समर्थित नेशनल आर्गनाइजेशन ऑफ बैंक वर्कर्स ने कहा कि वह 20 अगस्त को प्रस्तावित हड़ताल में शामिल नहीं होगा, क्योंकि यह राजनीतिक रूप से प्रेरित है और बैंक कर्मचारियों की माँग से इसका कुछ लेना-देना नहीं है।
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