अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट से तेल कंपनियों को ईंधन की बिक्री से हो रहे घाटे में एक-चौथाई की गिरावट दर्ज हुई है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल की कीमतों में हुई गिरावट से भविष्य में ईंधन की खुदरा कीमतों में गिरावट होने की संभावना नहीं है।
उद्योग सूत्रों ने बताया इंडियन ऑइल कॉरपोरेशन (आईओसी) भारत पेट्रोलियम एवं हिंदुस्तान पेट्रोलियम को पेट्रोल-डीजल एलपीजी एवं केरोसिन की बिक्री पर रोजाना होने वाला नुकसान 600 करोड़ रुपए से घटकर 450 करोड़ रुपए पर आ गया है।
गौरतलब है कि भारत द्वारा खरीदे जाने वाले कच्चे तेल की बास्केट का औसत मूल्य 114.37 डॉलर प्रति बैरल पहुँच गया, जो जुलाई में औसतन 132. 47 डॉलर प्रति बैरल पर था।
पेट्रोलियम मंत्रालय के सूत्रों ने बताया अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कीमतों में आई गिरावट राहत के संकेत है, लेकिन तेल कंपनियों को अब भी नुकसान हो रहा है। कंपनियों को जब तक नुकसान हो रहा है, तब तक खुदरा कीमतों में गिरावट के कोई आसार नहीं हैं।
अगस्त के पहले पखवाड़े में औसत मूल्य के अंतर्गत कंपनियों को ईंधन की खुदरा बिक्री जैसे पेट्रोल पर 7.07 रुपए प्रति लीटर डीजल पर 16.22 रुपए प्रति लीटर केरोसिन पर 39.55 रुपए प्रति लीटर तथा एलपीजी के 14.2 किलोग्राम वाले प्रति सिलेंडर पर 348.89 रुपए का नुकसान हो रहा है।
गौरतलब है कि जुलाई के दूसरे पखवाड़े में औसत पेट्रोल एवं डीजल पर होने वाला नुकसान क्रमशः 11.60 रुपए प्रति लीटर एवं 23.23 रुपए प्रति लीटर कम था। पेट्रोल एवं डीजल की कीमतों को हर पखवाड़े आँका जाता है, जबकि एलपीजी एवं केरोसिन मूल्य का आकलन हर महीने किया जाता है।
ईंधन की बिक्री करने वाली सार्वजनिक क्षेत्र की तीन कंपनियों को पूरे वित्त वर्ष में 1 लाख 84 हजार 801 करोड़ रुपए का नुकसान होने का अनुमान है। एक पखवाड़े पूर्व चालू वित्त वर्ष में उक्त कंपनियों को 2 लाख 5 हजार 740 करोड़ रुपए का नुकसान होने का अनुमान था।
आईओसी की बाजार में 54 फीसदी की हिस्सेदारी है। कंपनी को चालू वित्त वर्ष में ईंधन की बिक्री पर 1 लाख 1 हजार 549 करोड़ रुपए का नुकसान होने का अनुमान है।
सूत्रों ने बताया देश की सार्वजनिक क्षेत्र की ईंधन कंपनी आईओसी को रोजाना पेट्रोल की बिक्री पर 11 करोड़ रुपए डीजल पर 127 करोड़ रुपये केरोसिन पर 75 करोड़ रुपए तथा एलपीजी गैस पर 30 करोड़ रुपए का नुकसान वहन करना पड़ रहा है।
पिछले पखवाड़े में आईओसी को पेट्रोल की बिक्री पर 18 करोड़ रुपए डीजल की बिक्री पर 195 करोड़ रुपए डीजल की बिक्री पर 80 करोड़ रुपए तथा एलपीजी पर 36 करोड़ रुपए का नुकसान हो रहा था।
पिछले हफ्ते पेट्रोलियम मंत्री मुरली देवड़ा ने कहा था कच्चे तेल की कीमतों में हुई गिरावट खुशी के संकेत है। यह स्वागतयोग्य विकास है, लेकिन घरेलू खुदरा कीमतों के घटाने के कोई संकेत नहीं है।
भारत द्वारा कच्चे तेल की बास्केट मूल्य पिछले ट्रेडिंग दिन में औसतन 107.93 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर था, जबकि चार जून को यह 119 डॉलर प्रति बैरल था, जब पेट्रोल-डीजल घरेलू कुकिंग गैस की कीमतों में वृद्धि की गई थी।
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