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सपा के निशाने पर निजी तेल कंपनियाँ  Search similar articles
मुकेश अंबानी समूह पर निशाना साधते हुए समाजवादी पार्टी ने अत्यधिक मुनाफे पर कर (विंडफाल प्राफिट टैक्स) लगाने और निजी क्षेत्र की तेल कंपनियों को दी जा रही रियायतों को वापस लेने की माँग की।

समाजवादी पार्टी के महासचिव अमरसिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री मनमोहनसिंह को पार्टी माँगों को उसी गंभीरता से लेना चाहिए जिस तरह से वे परमाणु समझौते को गंभीरता से ले रहे हैं।

सिंह ने कहा कि अगर मैं परमाणु समझौते पर प्रधानमंत्री के सुझाव को गंभीरता से लेता हूँ तो उम्मीद करता हूँ कि प्रधानमंत्री भी उस मुद्दे को संज्ञान में लेंगे, जिसे मैंने उठाया है।

पेट्रोलियम मंत्री मुरली देवड़ा पर निशाना साधते हुए सिंह ने कहा कि देवड़ा लगातार एक प्रतिष्ठित कंपनी का पक्ष लेते रहे हैं। उन्होंने कहा कि निजी क्षेत्र में किसी एक व्यक्ति को इस तरह की लूट की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि जहाँ एक ओर आम आदमी पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की बढ़ती कीमतों से परेशान है, वहीं ये तेल कंपनियाँ डबल मजा और अप्रत्यक्ष लूट में लिप्त हैं।

सिंह ने कहा कि निजी क्षेत्र की कंपनियों द्वारा शुरू किए गए पेट्रोल पंपों को रीयल एस्टेट में तब्दील किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि निजी क्षेत्र की तेल कंपनियाँ 15 रुपए प्रति बैरल की आय और छह अरब डॉलर का मुनाफा कमा रही हैं।

सिंह ने हालाँकि इस रपट को बकवास बताया कि वह अपने अभिन्न मित्र और एडीएजी समूह के अध्यक्ष अनिल अंबानी के इशारों पर काम कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि आम लोगों की धारणा है कि वित्तमंत्री अनिल अंबानी के करीबी हैं, जबकि मुरली देवड़ा मुकेश अंबानी के नजदीकी माने जाते हैं। लोगों की यह धारणा सही नहीं है।

उत्खनन और विपणन दोनों ही तरह के परिचालकों के अत्यधिक शुद्ध मुनाफे पर 50 फीसदी तक कर लगाने का सुझाव देते हुए सिंह ने कहा कि इस कर से तेल विपणन कंपनियों का घाटा 100000 करोड़ रुपए तक कम किया जा सकेगा।

रिलायंस इंडस्ट्रीज निजी क्षेत्र की सबसे बड़ी कंपनी है, जो उत्खनन (अपस्ट्रीम) और विपणन (डाउनस्ट्रीम) दोनों ही तरह के हाइड्रो कार्बन व्यवसाय में सक्रिय है।

यह पूछे जाने पर कि उन्हें सरकार से कब तक जवाब मिलने की उम्मीद है, सिंह ने कहा कि मैं प्रधानमंत्री को राहत देना चाहता हूँ। उम्मीद है कि वे इस मामले को संज्ञान में लेंगे। उल्लेखनीय है कि समाजवादी पार्टी ने अपने 39 सांसदों का समर्थन सरकार को देने का वादा किया है, जो परमाणु समझौते के लिए काफी अहम है।

सपा नेता ने कहा कि परमाणु समझौते में प्रधानमंत्री की बहुत अधिक रुचि है। विंडफाल प्राफिट का मुद्दा अमेरिकी डेमोक्रेट के पास भी है। मैं चाहता हूँ कि वे इस बारे में कुछ करें।

उन्होंने कहा कि वह चाहते हैं कि प्रधानमंत्री सभी पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात पर प्रतिबंध लगाएँ। यदि सरकार पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात पर प्रतिबंध लगाती है तो जामनगर में रिलायंस की 2.70 करोड़ टन क्षमता की पेट्रोलियम रिफाइनरी निर्यातोन्मुखी कंपनी का दर्जा खो देगी।
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