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बैंकों में 14 सौ करोड़ का लेन-देन अटका  Search similar articles
इंदौर में कर्फ्यू के चलते बैंकों की क्लियरिंग बंद रहने से 750 से 800 करोड़ रुपए का लेन-देन अटक गया है। इसके अलावा शनिवार व सोमवार को करीब 600 करोड़ के चेक क्लियरिंग हाउस तक ही नहीं पहुँच सके।

क्लियरिंग हाउस के मुख्य प्रबंधक अभिमन्यु शुक्ल ने बताया कि 62 सदस्य बैंकों की 317 शाखाओं के चेक क्लियरिंग के लिए प्राप्त होते हैं। प्रतिदिन 300 करोड़ रु. की राशि के 45 से 50 हजार चेक यहाँ आते हैं। करीब 150 करोड़ रुपए की हाई वेल्यू क्लियरिंग में एक लाख से अधिक की राशि का चेक उसी दिन क्लीयर करना होता है।

शुक्ल ने बताया कि 2 व 3 जुलाई को लगे चेकों का क्लियरिंग हो गया, मगर 4 जुलाई के चैक क्लियरिंग हाउस में ही पड़े हैं। संवेदनशील क्षेत्रों की शाखाओं के चैक तो 2 जुलाई से ही नहीं आए हैं।

कर्फ्यू पास नहीं मिले : शुक्ल ने बताया कि मौजूदा कोर बैंकिंग में क्लियरिंग हाउस रीढ़ के समान है। प्रशासन व बैंक के उच्च प्रबंधकों को इसका महत्व मानते हुए कर्फ्यू पास की व्यवस्था करना चाहिए। इस तरह की आपात स्थिति में भी क्लियरिंग निर्बाध रूप से चल सके, इसके लिए प्रशासन को सहयोग करना चाहिए।

बैंकों की कुछ शाखाएँ खुलीं : कर्फ्यू में छूट के बारे में निश्चित जानकारी नहीं होने से इन बैंकों में रोज की तरह भीड़ नहीं थी। स्टेट बैंक ऑफ इंदौर के पीआरओ अनिल भिड़े ने बताया कि सोमवार को शहर में बैंक की 45 में से 40 शाखाएँ खुली रहीं। केवल वे पाँच शाखाएँ नहीं खुल सकीं जो अतिसंवेदनशील क्षेत्र में थीं या जिनका स्टाफ कर्फ्यूग्रस्त क्षेत्र में रहता था।

भारतीय स्टेट बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक पीएस बेडेकर ने बताया कि शहर सीमा में स्थित स्टेट बैंक की 19 में से 17 शाखाएँ खुली रही। बैंक की वे 2 शाखाएँ नहीं खुलीं जो अतिसंवेदनशील क्षेत्रों में स्थित थीं।

एटीएम के पेट भरे : मंगलवार को दिन का कफ्यू हट जाने के मद्देनजर संभावना है कि बड़ी संख्या में लोग एटीएम का इस्तेमाल करेंगे। इस बात को ध्यान में रखते हुए स्टेट बैंक ऑफ इंदौर ने सोमवार को शहर में अपनी सभी एटीएम मशीनों को रुपयों से फुल कर दिया।
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