महँगाई की चिंता में टूट रहे शेयर बाजार और कच्चे तेल के उफान के बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में निवेशकों की रुचि बनी रहने से दामों में आई तेजी के परिणामस्वरुप स्थानीय सर्राफा बाजार में आज एक माह के अंतराल के बाद फिर 13 हजार रुपए प्रति दस ग्राम को पार कर गया। चाँदी माँग सुस्त रहने से 50 रुपए टूट गई।
लंदन में सोने के दाम न्यूयॉर्क के कल के 925.95-927.15 डॉलर की तुलना में दो डॉलर बढ़कर 927.70-928.70 डॉलर प्रति ट्राय औंस बोले गए। उधर कारोबारियों की नजर अमेरिका के कारखाना क्षेत्र के आँकड़ों पर लगी हुई हैं, जिस पर डॉलर की चाल निर्भर करेगी।
बाजार विशलेषकों का मानना है कि फिलहाल जो परिस्थितियाँ हैं, उनमें तकनीकी रुप से सोना मजबूत नजर आ रहा है और इसे देखते हुए इसमें सटोरिया निवेश बढ़ सकता है।
कल कारोबार के दौरान सोने के दाम 935 डॉलर प्रति ट्राय औंस तक पहुँच गए थे किंतु बाद में डॉलर में कुछ मजबूती को देखते हुए सोने पर दबाव बढ़ गया था।
उधर कच्चे तेल के दाम कल उठापटाक के बाद आज फिर मजबूत नजर आए। कच्चा तेल दो डॉलर तक मजबूत था। उधर ईसीबी ने कहा है कि 30 जून तक उसने 30 टन सोने की बिक्री पूरी कर ली है और इस वर्ष समझौते के तहत उसका और सोना बेचने का इरादा नहीं है। यह समझौता सितम्बर तक चलना है।
चाँदी 12 सेंट बढ़कर 17.50-17.55 डॉलर प्रति ट्राय औंस बोली गई। बम्बई शेयर बाजार (बीएसई) का सेंसेक्स आज 500 अंक के नुकसान से 15 माह के बाद 13 हजार अंक से नीचे चला गया।
स्थानीय बाजार में सोने में माँग का निरंतर अभाव बना हुआ है। डॉलर के मुकाबले रुपए के 15 माह के न्यूनतम स्तर तक गिरने और विदेशों के तेज समाचारों से स्थानीय बाजार में सोने की कीमत 100 रुपए उछलकर एक माह के अंतराल के बाद फिर 13000 रुपए से ऊपर निकलकर 13080 रुपए प्रति दस ग्राम पर पहुँच गई।
इस वर्ष 22 मई को सोने का अधिकतम भाव 13200 रुपए के शिखर पर पहुँचा था। इसके बाद इसमें उठापटक रही और 27 मई के 13030 रुपए के बाद सोना 13000 हजार रुपए से नीचे बना हुआ था।
चाँदी टंच (999) हाजिर में 24600 रुपए पर 50 रुपए प्रति किलो का मंदा आया। आठ ग्राम की गिन्नी का भाव बढ़कर 11110 रुपए पर पहुँच गया।
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