देश भर में चायपत्ती की कीमतें बढीं हैं, जिससे अब चाय की चुस्की के आपको कुछ अधिक राशि चुकानी पड़ सकती है। पिछले दो हफ्तों में नीलामी बाजार में चाय की कीमत 14.28 प्रतिशत बढ़कर 80 रुपए प्रति किलो हो गई है।
इस स्थिति के लिए बढ़ती माँग और घटती आपूर्ति को कारण बताया जा रहा है। कीमतें आसमान छू रही हैं और उपभोक्ताओं की जेब में सेंध लगा रही हैं। चेन्नई और अहमदाबाद जैसे शहरों में चाय की खुदरा कीमत में भी 10 रुपए की वृद्धि हुई है।
सरकारी आँकड़े के अनुसार चेन्नई के उपभोक्ता खुली चाय के लिए 240 रुपए प्रति किलो के हिसाब से भुगतान कर रहे हैं, जिसके बाद शिलांग में 200 रुपए प्रति किलो और बेंगलुरु 190 रुपए प्रति किलो के हिसाब से भुगतान किया जा रहा है।
दिल्ली वाले 108 रुपए प्रति किलो, मुंबई वाले 144 रुपए प्रति किलो जबकि कोलकाता और अगरतला 100 रुपए में प्रति किलो की दर से भुगतान किया जा रहा है।
इस बीच चाय का थोक मूल्य 26 अप्रैल को समाप्त सप्ताह में 11 प्रतिशत बढ़ गया। यह ठीक उसी समय हुआ, जब देश का थोक मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति 7.61 प्रतिशत के उच्च स्तर को छू गया।
बाजार सूत्रों ने बताया कि उपभोक्ताओं के लिए एक और परेशानी की बात यह है कि मजबूत घरेलू माँग और चालू वर्ष में घटती आपूर्ति के बीच आने वाले दिनों में चाय की कीमतें मजबूत रहने की उम्मीद है।
भारत विश्व का विशालतम चाय उत्पादक देश है जिसके बाद चीन का स्थान आता है। चाय बोर्ड ने कहा कि वर्ष 2008 में घरेलू खपत करीब 80 करोड़ किलो रहने की उम्मीद है, जो पिछले वर्ष 78 किलो थी।
संयुक्त राष्ट्र के खाद्य एवं कृषि संगठन (एफएओ) के अनुसार केन्या में उत्पादन में 10 प्रतिशत की गिरावट की संभावना की खबर से विश्व बाजार में सीमित आपूर्ति के कारण मौजूदा आपूर्ति की स्थिति को देखते हुए चाय कीमतों में तेजी बरकरार रहने की उम्मीद है।
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