पेप्सी इंडिया को भारतीय अंशधारकों के पक्ष में अपनी 49 प्रतिशत इक्विटी हिस्सेदारी का विनिवेश करने से कुछ और समय के लिए छूट मिल सकती है, क्योंकि नियमों का हवाला देते हुए विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड (एफआईपीबी) ने इस मुद्दे को टाल दिया है।
सूत्रों के मुताबिक 49 प्रतिशत हिस्सेदारी देने से पेप्सी इंडिया को छूट देने के प्रस्ताव पर फैसला नियमगत मुद्दों के कारण टाल दिया गया है। यह फैसला एफआईपीबी की शुक्रवार को हुई बैठक में लिया गया।
सूत्रों के मुताबिक नियमगत मुद्दों का हल होने के बाद प्रस्ताव मंजूर किया जाएगा। कंपनी के अधिकारियों ने इस पर टिप्पणी से इनकार कर दिया। संबद्ध मंत्रालयों ने चूँकि अपनी मंजूरी दे दी थी, इसलिए हमें उस उपबंध से छूट देने में कोई दिक्कत नहीं थी जिससे पेप्सी इंडिया को बाटलिंग परिचालन में अपनी 49 प्रतिशत हिस्सेदारी के विनिवेश की जरूरत पड़ती। भारत में प्रवेश के समय पेप्सी निर्धारित समय के भीतर भारतीय अंशधारकों को 49 प्रतिशत हिस्सेदारी का विनिवेश करने पर सहमत हो गई थी, लेकिन बाद में सरकार ने समयसीमा बढ़ा दी।
बाद में हालाँकि नीति बदल गई और विदेशी कंपनियों को फूड प्रोसेसिंग एवं अन्य क्षेत्रों में शत-प्रतिशत हिस्सेदारी की अनुमति मिल गई।
|