भारत और श्रीलंका के बीच मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) होने के बाद द्विपक्षीय व्यापार वर्ष 2000-01 के 68 करोड़ 50 लाख डॉलर के मुकाबले चार गुना बढ़कर वर्ष 2006-07 में दो अरब 70 करोड़ डॉलर हो गया है।
फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कामर्स एंड इंडस्ट्री के एक ताजा अध्ययन में बताया गया है कि वर्ष 1999 में श्रीलंका के कुल आयात में भारतीय हिस्सेदारी 9.5 प्रतिशत थी जो वर्ष 2005 तक 17.3 प्रतिशत हो गई। फिलहाल श्रीलंका को सामान भेजने वाला भारत सबसे बड़ा देश है।
एफटीए होने से पहले दोनों देशों के बीच व्यापार 10 प्रतिशत प्रतिवर्ष की दर से बढ़ रहा था जो बाद में 27 प्रतिशत की गति से बढ़ा। एफटीए के बाद से भारतीय बाजारों में श्रीलंका की मौजूदगी भी बढ़ी है। एफटीए से पहले भारत को सामान भेजने वाला वह 61वाँ सबसे बड़ा देश था जो बाद में 34वें स्थान पर पहुँच गया।
एफटीए से पहले श्रीलंका में वर्ष 1996 से 2002 तक भारतीय निवेश महज छह करोड़ 20 लाख डॉलर का था जो वर्ष 2004 तक 45 करोड़ डॉलर तक पहुँच गया।
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