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पेट्रोलियम उत्पादों की खपत 7 प्रतिशत बढ़ी
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम भले ही नित नए रिकॉर्ड बना रहे हों लेकिन देश में पेट्रोलियम उत्पादों की खपत और उनका आयात दोनों ही किफायत के प्रयासों के अभाव में लगातार बढ़ते ही जा रहे हैं।

पेट्रोलियम उद्योग के ताजा आँकड़ों के मुताबिक वर्ष 2007-08 में देश में रसोई गैस (एलपीजी) पेट्रोल, डीजल, हवाई ईंधन, पेटकोक, प्रोपिलीन तथा अन्य पेट्रोलियम उत्पादों की कुल खपत पिछले साल के मुकाबले 7 प्रतिशत बढ़कर 12 करोड़ 92 लाख 35 हजार टन हो गई।

पिछले साल विभिन्न पेट्रोलियम उत्पादों की कुल खपत 12 करोड़ 7 लाख 49 हजार टन हुई थी। वर्ष के दौरान विभिन्न पेट्रोलियम उत्पादों के आयात में भी भारी वृद्धि दर्ज की गई। उपलब्ध आँकड़ों के मुताबिक बीते साल में कच्चे तेल का आयात 9.1 प्रतिशत बढ़कर 12 करोड़ 16 लाख 72 हजार टन हुआ।

पेट्रोलियम उत्पादों का निर्यात 17 प्रश बढ़ा : जहाँ तक अन्य पेट्रोलियम उत्पादों के आयात का मामला है इनका कुल आयात 27 प्रतिशत तक बढ़कर 2 करोड़ 28 लाख 95 हजार टन हो गया। देश से पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात में भी बीते साल अच्छी वृद्धि हुई। विभिन्न पेट्रोलियम उत्पादों का निर्यात 17 प्रतिशत बढ़कर 3 करोड़ 93 लाख 27 हजार टन तक बढ़ गया। हालाँकि निर्यात कारोबार में 27 प्रतिशत की वृद्धि के साथ निजी क्षेत्र की कंपनियाँ ही आगे रहीं। सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियाँ मात्र 0.7 प्रश अधिक निर्यात ही कर पाईं।
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