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ओपेक से बाहर हो सकता है इंडोनेशिया
तेल उत्पादक-निर्यातक देशों के संगठन (ओपेक) में एशिया और प्रशांत क्षेत्र के एक मात्र सदस्य इंडोनेशिया ने कहा है कि देश में तेल उत्पादन घटने के कारण वह ओपेक संगठन से अलग हो सकता है।

इंडोनेशिया के राष्ट्रपति सुशीलो बम्बांग युद्धोयोंग ने कहा कि उनके यहाँ तेल का उत्पादन लाखों बैरेल घट गया है इसलिए उन्हें बड़ी मात्रा में तेल का आयात करना पड़ रहा है। इस स्थिति को देखते हुए उनकी सरकार इस बात पर गंभीरता से विचार कर रही है कि वर्तमान परिस्थितियों में उन्हें ओपेक के साथ बना रहना चाहिए अथवा इससे बाहर हो जाना चाहिए।

हाल के वर्षों में इंडोनेशिया में तेल के उत्पादन में जबर्दस्त गिरावट आई और तेल के लिए उसकी निर्भरता आयात पर ज्यादा बढ़ गई है। तेल उत्पादन में आई इस गिरावट का प्रमुख कारण वहाँ के पुराने तेल कुओं के आधुनिकीकरण और तेल शोधन कारखानों में किसी तरह का निवेश नहीं होना है।

आधिकारिक सूचना में पिछले सप्ताह कहा गया था कि देश में एक दिन में 977000 बैरल का प्रतिदिन उत्पादन जिसमें 859000 बैरल कच्चा तेल तथा 110000 बैरल कंडेनसेट था। गौरतलब है कि इंडोनेशिया ने इससे पहले 2005 में ओपेक समूह से स्वयं को अलग करने के बारे में एक अफवाह फैलाई थी। उस समय उसने सदस्यता शुल्क अधिक होने के कारण ओपेक से अलग होने की बात की थी।
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