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महँगाई की दर में कमी की उम्मीद
योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेकसिंह अहलूवालिया ने कुछ सप्ताहों में महँगाई की दर के सामान्य होने की उम्मीद जताते हुए कहा है कि यदि कीमतें नीचे नहीं आईं तो सरकार और कदम उठा सकती है।

अहलूवालिया ने एक सम्मेलन के दौरान संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि चालू वित्त वर्ष के दौरान देश की अर्थव्यवस्था के करीब आठ प्रतिशत की रफ्तार से बढने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि मुझे उम्मीद है कि अगले कुछ सप्ताह में महँगाई की दर सामान्य होगी। यदि कीमतें नीचे नहीं आईं तो सरकार और कदम उठा सकती है।

उन्होंने कहा कि मेरी राय में चालू वित्त वर्ष के दौरान देश की अर्थव्यवस्था की आर्थिक गति आठ से साढ़े आठ प्रतिशत के बीच रहेगी। मैं इसके निचले स्तर पर रहने पर खुश रहूँगा। आठ प्रतिशत की विकास दर स्वीकार्य है।

समाप्त वित्त वर्ष के दौरान सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में 8.7 प्रतिशत बढ़ोतरी का अनुमान है। रिजर्व बैंक ने चालू वित्त वर्ष के लिए आठ से साढ़े आठ प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान व्यक्त किया है। वर्ष 2006-07 में जीडीपी में पिछले 18 वर्ष की उच्चतम 9.6 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई थी।

महँगाई की दर 19 अप्रैल को समाप्त हुए सप्ताह में पिछले साढ़े तीन वर्ष के उच्चतम स्तर 7.57 प्रतिशत पर पहुँच गई थी। सरकार और रिजर्व बैंक ने महँगाई को काबू में करने के लिए तमाम कदम उठाए हैं। वित्तमंत्री पी चिदम्बरम का मानना है कि सरकार ने महँगाई को काबू में करने के लिए जो कदम उठाए हैं। उनका असर जल्दी ही दिखेगा। उन्होंने कहा है कि जरूरत पड़ने पर सरकार महँगाई पर लगाम लगाने के लिए और कदम भी उठाएगी।
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