देश की विशालतम सार्वजनिक क्षेत्र के ऋणदाता बैंक भारतीय स्टेट बैंक ने आज कहा कि उसे फिलहाल निकट भविष्य में ब्याज दर बढ़ने की उम्मीद नहीं है।
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के अध्यक्ष ओपी भट्ट ने बताया कि मुझे निकट भविष्य में इनके बढ़ने की संभावना नजर नहीं आती।
भारतीय रिजर्व बैंक ने वर्ष 2008-09 की वार्षिक ऋण नीति की घोषणा करते हुए नकद आरक्षित अनुपात (सीआरआर) में चौथाई प्रतिशत यानी 25 बेसिस प्वाइंट की वृद्धि करते हुए इसे 8.25 प्रतिशत कर दिया था। सीआरआर बैंकों में तरलता का वह अनुपात होता है जो उसे रिजर्व बैंक के पास रखना अनिवार्य है।
इससे पूर्व केन्द्रीय बैंक ने मुद्रास्फीति की संभावनाओं को नियंत्रित करने के लिए 17 अप्रैल को सीआरआर दर में दो चरणों में 50 बेसिस प्वाइंट यानी आधा प्रतिशत की वृद्धि की थी।
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