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रिजर्व बैंक ने सीआरआर की दर बढ़ाई
भारतीय रिजर्व बैंक ने नकद आरक्षित अनुपात (सीआरआर) में आज 0.25 प्रतिशत की और बढ़ोतरी कर दी। केंद्रीय बैंक ने जारी वार्षिक ऋण एवं मौद्रिक नीति में यह घोषणा की। इससे बैंकिंग प्रणाली से लगभग 9 हजार करोड़ रुपए कम होंगे।

बैंक ने हालाँकि अल्पकालिक ऋण एवं उधारी दर (रेपा एवं रिवर्स रेपो) तथा बैंक दर में कोई बदलाव नहीं किया है। यद्यपि सीआरआर में पहले की गई बढ़ोतरी 10 मई को पूरी तरह से प्रभावी होगी, जबकि आज की गई बढ़ोतरी 24 मई से प्रभावी होगी।

रिजर्व बैंक द्वारा सीआरआर में की गई वृद्धि से बैंकों को ब्याज दरें बढ़ाने को विवश होना पड़ेगा, वहीं ऋण की माँग घटेगी, जिससे खपत में कमी आएगी और बढ़ती महँगाई पर काबू पाने में मदद मिलेगी।

उल्लेखनीय है कि कुछ बैंकों ने ऑटो जैसे चुनिंदा क्षेत्रों को दिए जाने वाले ऋण की ब्याज दरें बढ़ा दी हैं। महँगाई के मोर्चे पर अंतरराष्ट्रीय बाजार में जिंसों और कच्चे तेल की ऊँची कीमतों ने रिजर्व बैंक को मुद्रास्फीति के लक्ष्य में संशोधन करने के लिए बाध्य कर दिया है। बैंक ने चालू वित्त वर्ष के लिए 5.5 फीसदी की मुद्रास्फीति की दर का लक्ष्य रखा है।

रिजर्व बैंक ने कहा अभी तक नियंत्रण में रहा माँग का दबाव बढ़ने और आपूर्ति घटने से देश में मुद्रास्फीति की दर बढ़ सकती है। हालाँकि यह इस बात पर निर्भर करेगा कि आपूर्ति में बाधा अस्थाई है या नहीं?

बैंक के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय बाजार में खाद्य और कच्चे तेल की ऊँची कीमतों से पैदा हुई मुद्रास्फीति की दर में कुछ समय के लिए तेजी बने रहने की संभावना है। बैंक ने चालू वित्त वर्ष में देश की आर्थिक विकास दर 8 से 8.5 फीसदी के बीच रहने का अनुमान व्यक्त किया है।

ऋण-मौद्रिक नीति के मुख्य‍ बिंदु
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