सरकार ने महँगाई को काबू में करने के लिए और कदम उठाने की बात कहते हुए राज्यों से आवश्यक खाद्य वस्तुओं की जमाखोरी पर अंकुश लगाने के लिए कहा है।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री कमलनाथ ने मंगलवार को यहाँ संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि महँगाई को काबू में करने के लिए सरकार में कोई मतभेद नहीं हैं। सरकार महँगाई को नियंत्रित करने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है।
वित्तमंत्री पी. चिदम्बरम ने कहा है कि मुझे नहीं पता मूल्य पर मंत्रिमंडलीय समिति की बैठक कब होनी है किंतु जब भी बैठक होगी, मैं उम्मीद करता हूँ कि कुछ कदम उठाए जाएँगे। चिदम्बरम ने कहा कि महँगाई को काबू में करने के लिए और कदम उठाए जाएँगे।
कमलनाथ ने कहा कि महँगाई को रोकने के लिए राज्य सरकारों के कंधों पर अधिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकारों को आपूर्ति सुधारने की दिशा में कदम उठाने के साथ ही खाद्य वस्तुओं की जमाखोरी को रोकना चाहिए।
उधर दिल्ली और महाराष्ट्र में अधिकारियों ने खाद्यान्नों की जमाखोरी को रोकने के लिए व्यापारियों के गोदामों पर छापे मारे हैं। आंध्रप्रदेश और गुजरात जमाखोरी रोकने के लिए भंडारण सीमा अपने यहाँ लागू कर चुके हैं।
सरकार के उच्च अधिकारियों का कहना है कि गैर बासमती और सीमेंट के निर्यात पर रोक से घरेलू बाजार में आने वाले सप्ताहों में असर देखने को मिल सकता है किंतु इस्पात के दामों को लेकर संशय की स्थिति बनी हुई है।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री कमलनाथ ने कहा कि इस्पात को लेकर मतभेद हैं किंतु उन्होंने इस बारे में कोई खुलासा नहीं किया। इस्पात मंत्रालय शुल्कों में कटौती की माँग कर रहा है किंतु वित्त मंत्रालय कटौती का पक्षधर नहीं है। एक अधिकारी ने कहा कि शुल्कों में कटौती से जहाँ राजस्व का नुकसान होगा वहीं घरेलू बाजारों में कीमत कम होने की संभावना भी नहीं है।
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