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प्रतिबंध से घट सकता है कंपनियों का मुनाफा
सीमेंट उद्योग ने निर्यात पर प्रतिबंध लगाने के सरकार के कदम का विरोध करते हुए कहा कि इससे सीमेंट कंपनियों की लाभप्रदता प्रभावित हो सकती है।

अंबुजा सीमेंट्स के प्रबंध निदेशक ए.एल. कपूर ने बताया सीमेंट की आपूर्ति घरेलू बाजार की ओर मोड़ने से लाभप्रदता प्रभावित हो सकती है। अगर ऐसा हुआ तो हम केवल उतने सीमेंट का ही उत्पादन करेंगे जितने की माँग है।

गौरतलब है कि बढ़ती महँगाई को देखते हुए सरकार ने पिछले सप्ताह सभी तरह के सीमेंट के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया। उद्योग ने सरकार के इस कदम को अवनति की ओर ले जाने वाला कदम बताया है।

कपूर ने कहा कि यह अवनति की ओर ले जाने वाला कदम है। हमने अगले छह से आठ महीनों के लिए कई अंतरराष्ट्रीय कंपनियों से अनुबंध किए हैं। हमारी कंपनी के पास मौजूदा वर्ष के लिए सात से आठ लाख टन सीमेंट निर्यात का आर्डर है।

कपूर के विचारों से सहमति जताते हुए जेके सीमेंट ग्रुप के कार्यकारी अध्यक्ष आरजी बगला ने कहा कि सरकार के इस कदम का प्रभाव केवल गुजरात में ही नहीं बल्कि दीर्घकाल में पूरे पश्चिमी जोन पर पड़ेगा।

उन्होंने कहा कि अब कंपनियाँ मुम्बई की ओर रुख करेंगी जो अभी तक आंध्रप्रदेश और कुछ पश्चिमी राज्यों से सीमेंट प्राप्त करता रहा है। बगला ने कहा कि गुजरात से सीमेंट मिलने पर मुम्बई आंध्रप्रदेश से सीमेंट मँ,गाना बंद कर देगा क्योंकि उसे परिवहन लागत में बचत होगी।

उद्योग चैंबर सीआईआई ने भी कहा कि सरकार के प्रतिबंध लगाने के निर्णय से उन छोटी सीमेंट कंपनियों को नुकसान होगा जो केवल निर्यात पर निर्भर हैं।

सीआईसीआई ने कहा कि सीमेंट क्षेत्र में ज्यादातर कंपनियाँ काफी छोटी हैं और वे दक्षिण अफ्रीका और श्रीलंका को अपने उत्पादों का निर्यात करती हैं। चूँकि ये कंपनियाँ अपने स्थान के लिहाज से विशेष देशों को निर्यात पर ध्यान केंद्रित करती हैं, इसलिए सीमेंट निर्यात पर प्रतिबंध लगाने का कदम कीमतों पर नियंत्रण लगाने में कारगर साबित नहीं होगा।
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