रियल एस्टेट म्युचुअल फंड पर कर व्यवहार की अनिश्चितता शीघ्र ही समाप्त होने की उम्मीद है। सरकार उन म्युचुअल फंड्स से अर्जित आय को करमुक्त कर देगी, जिनका उद्देश्य मुख्य रूप से रियलिटी फर्म के शेयरों में निवेश करना होता है।
राजस्व विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक रियल एस्टेट म्युचुअल फंड्स और अन्य म्युचुअल फंड्स, जो सिर्फ रियलिटी कंपनियों के शेयरों में निवेश करते हैं, उन्हें सभी आय पर कर भुगतान की छूट दे दी जाएगी। रियलिटी बूम के लाभों को पाने के लिए उक्त किस्म के बांड्स खरीदने वाले यूनिट होल्डर की डिविडेंड आय भी करमुक्त होगी।
वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सेबी रिजिर्स्ड रियल एस्टेट म्युचुअल फंड्स यदि निवेशकों से प्राप्त राशि को रियल एस्टेट कंपनियों में निवेश करते हैं उन्हें कर छूट का दर्जा दिया जाएगा। यही लाभ उन म्युचुअल फंड्स को भी दिया जाएगा जो रियलिटी कंपनियों के शेयरों में निवेश करते हैं।
बाजार नियामक सेबी ने करीब दो वर्ष पूर्व रियल एस्टेट म्युचुअल फंड्स शुरू करने की इजाजत दी थी, लेकिन इनके संचालन के दिशा-निर्देश अभी तक जारी होना बाकी है। बहरहाल अब मूल्यांकन मानदंडों के बारे में अधिक स्पष्टता के साथ और नेट असेट वेल्यू की गणना के साथ सेबी द्वारा रियल एस्टेट म्युचुअल फंड्स के लिए दिशा-निर्देश शीघ्र ही जारी कर दिए जाएँगें। (नईदुनिया)
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