राजस्थान के पड़ोसी राज्यों की तुलना में समान बिक्री कर नहीं होने से यहाँ स्वीच गियर के पचास प्रतिशत से अधिक कुटीर उद्योग बंद हो चुके हैं। फलस्वरूप व्यापार का पलायन अन्य राज्यों में हो रहा है।
ऑल राजस्थान एग्रीकल्चर ट्रेड एण्ड इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (एराटिया) के अध्यक्ष बनेचंद जैन एवं महासचिव दिनेश भाटिया ने संयुक्त विज्ञप्ति में बताया कि प्रदेश में इलेक्ट्रिक स्वीच गियर पर वैट बिक्री कर 12.5 प्रतिशत है जबकि दिल्ली और गुजरात में यह चार प्रतिशत है।
उन्होंने बताया कि बिक्री कर में तीन गुना अंतर होने से ग्राहक एवं उद्योगपति पड़ोसी राज्यों से माल मँगवा लेते हैं। इस कारण राजस्थान में स्वीच गियर की 1500 इकाईयों की संख्या घटकर अब 700 रह गई है। इन कुटीर उद्योगों में कटआउट, मेनस्वीच, चेंजओवर, रिवर्स फारवर्ड स्वीच, सबमर्सीबल पेनल इत्यादि का लघु स्तर पर उत्पादन किया जाता है। एराटिया पिछले दो वर्षों से इस बारे में माँग कर रही है।
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