मेड इन इंडिया वाहनों की चाहत रखने वालों की विदेशों में माँग तेजी से बढ़ रही है। चालू वित्त वर्ष के पहले 11 माह के दौरान देश में तैयार वाहनों का निर्यात पिछले साल की इसी अवधि के 9 लाख 25 हजार 464 की तुलना में 21.03 प्रतिशत बढ़कर 11 लाख 20 हजार 103 वाहनों पर पहुँच गया।
इस दौरान सर्वाधिक बढ़ोतरी दुपहिया वाहनों के निर्यात में 31.16 प्रतिशत दर्ज की गई। यात्री वाहनों का 7.22 प्रतिशत और भारी तथा मध्यम वाणिज्यिक वाहनों का निर्यात उक्त अवधि में 16.10 प्रतिशत बढ़ा जबकि तिपहिया वाहन के निर्यात में 2.51 प्रतिशत की कमी आई। हल्के वाणिज्यिक वाहनों के निर्यात में 18.55 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
भारतीय ऑटोमोबाइल निर्माता संस्था (सियाम) के आँकड़ों के अनुसार यात्री कारों का निर्यात 6.71 प्रतिशत बढ़कर एक लाख 74 हजार 964 से एक लाख 86 हजार 705 कार पर पहुँच गया। उपयोगी वाहनों की माँग 38.24 प्रतिशत बढ़कर 5632 वाहन रही जबकि बहुउद्देशीय वाहनों का निर्यात 25.63 प्रतिशत घटकर 862 वाहन ही रह गया।
बाइक निर्यात 41 प्रश बढ़ा : दुपहिया वर्ग में स्कूटर-स्कूट्रेट का निर्यात 30.31 प्रतिशत कम हुआ। इस श्रेणी में निर्यात होने वाले वाहनों की संख्या अप्रैल 07 से फरवरी 08 के दौरान पहले के 33 हजार 287 की तुलना में घटकर 23 हजार 199 रह गई। इस अवधि में भारत में निर्मित मोटरसाइकल स्टेप थ्रू को पसंद करने वालों में जोरदार इजाफा 41.50 प्रतिशत का हुआ। इस वर्ग में होने वाले वाहनों का निर्यात चार लाख 97 हजार 643 से बढ़कर 7 लाख चार हजार 157 पर पहुँच गया। मोपेड का निर्यात 53.09 प्रतिशत की भारी गिरावट से 36 हजार 751 से 17239 वाहन रह गया।
मारुति का निर्यात बढ़ा : देश की यात्री कार वर्ग की दूसरी बड़ी कंपनी ह्युंदई मोटर इंडिया लिमिटेड ने चालू वित्त वर्ष के दौरान 3401 4000 एमएम में काम्पैक्ट यात्री कार वर्ग में सेंट्रो, गेट्ज और आई-10 जैसे मॉडलों के एक लाख 13 हजार 505 वाहनों का निर्यात किया। इस वर्ग में देश की अग्रणी कार कंपनी मारुति के निर्यात होने वाले वाहनों की संख्या 31 हजार 79 रही जबकि पिछले साल कंपनी ने 16 हजार 147 कारों का ही इस वर्ग में निर्यात किया था।
तिपहिया निर्यात गिरा : तिपहिया वर्ग में यात्री कैरियर के निर्यात में 2.41 प्रतिशत की गिरावट आई। पिछले वित्त वर्ष में पहले ग्यारह माह की अवधि में एक लाख 33 हजार 193 वाहन इस श्रेणी में विदेश भेजे गए थे जबकि यह संख्या 2007-08 में घटकर एक लाख 29 हजार 988 रह गई। सामान ढोने वाले तिपहियों का निर्यात 18.41 प्रतिशत गिरकर 831 से 678 रह गया।
इस दौरान देश के बाजार में वाहनों के कुल उत्पादन में 2.84 प्रश और घरेलू बाजार में बिक्री 5.31 प्रश कम रही। आलोच्य अवधि में देश में वाहन उत्पादन का आँकड़ा एक करोड़ के ऊपर एक करोड़ 15 लाख तीन हजार 284 था जो चालू वित्त वर्ष की उक्त अवधि में घटकर 98 लाख 65 हजार 154 रह गया। घरेलू बाजार की बिक्री 92 लाख 56 हजार 223 के मुकाबले 87 लाख 64 हजार 579 वाहन रह गई।
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