हीरे के आयात पर शुल्क हटाने से भारत के गहनों के निर्यात में जबर्दस्त उछाल आया है। रत्न और आभूषणों का निर्यात फरवरी में 41.67 प्रश बढ़कर 186.34 करोड़ डॉलर (7000 करोड़ रु. से ज्यादा) का हुआ। जेम्स एंड ज्वेलरी निर्यात प्रोत्साहन परिषद (जीजेईपीसी) के मुताबिक एक वर्ष पूर्व इसी अवधि में निर्यात 132 करोड़ डॉलर का था। परिषद के अध्यक्ष संजय कोठारी ने बताया कि कारोबारी शून्य आयात शुल्क का पूरा फायदा उठा रहे हैं।
हीरा व्यापार में इजाफा & कंपनियाँ बिना तराशे हुए हीरे का शुल्क मुक्त आयात कर देती हैं और फिर अन्य देशों को थोड़े मुनाफे पर निर्यात कर देती हैं। जिसके चलते फरवरी माह में भारत से हीरे का निर्यात 32 फीसदी इजाफे के साथ 92.64 करोड़ डॉलर का रहा।
पिछले वर्ष की समान अवधि में हीरे का निर्यात 70.14 करोड़ डॉलर था। पिछले माह परिष्कृत हीरे का निर्यात 128.85 करोड़ डॉलर का हुआ, जो पिछले वर्ष की समान अवधि के मुकाबले 60 प्रश ज्यादा रहा। उन्होंने बताया कि भारत ने इस दौरान कुल 32.31 लाख कैरेट परिष्कृत हीरे का निर्यात किया है।
हाँगकाँग को बड़े पैमाने पर निर्यात & समिति के मुताबिक पिछले माह सोने के आभूषणों में माँग मजबूत रही और निर्यात 19.76.फीसदी बढ़कर 42.76 करोड़ डॉलर का हुआ। इस दौरान गिरावट दर्ज की गई जो चिंता का सबब है। इसके अतिरिक्त चालू वित्त वर्ष के 11 महीनों में निर्यात 1874.16 करोड़ डॉलर का रहा। जो पिछले वर्ष के मुकाबले 22.62 फीसदी ज्यादा है। उल्लेखनीय है कि भारत से अमेरिका और खाड़ी देशों के अलावा हाँगकाँग को जेम्स एंड ज्वेलरी का बड़े पैमाने पर निर्यात किया जाता है।
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