ब्लैकबेरी सेवाओं को लेकर उठे विवादों के बीच सरकार ने शुक्रवार को कहा कि इन पर प्रतिबंध लगाने का कोई विचार नहीं है जबकि सेवा प्रदाताओं ने उम्मीद जताई कि मसला बातचीत के जरिए सुलझा लिया जाएगा।
दूरसंचार सचिव सिद्धार्थ बेहूरा ने कहा कि फिलहाल ब्लैकबेरी पर प्रतिबंध का कोई सवाल नहीं है और इससे जुड़े विभिन्न वर्गों के साथ मसले को हल करने के लिए विचार विमर्श किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार दूरसंचार आपरेटरों और रिसर्च इन मोशन (रिम) के साथ सुरक्षा से जुडे मसलों को हल करने के लिए विचार विमर्श कर रही है।
इस बीच टाटा इंडीकाम और एयरटेल ने उम्मीद जताई कि यह मसला बातचीत के जरिए सुलझा लिया जाएगा।
भारती एंटरप्राईजेज अध्यक्ष सुनील मित्तल ने कहा कि यह मसला प्रौद्योगिकी से जुड़ा हुआ है और वह इस बात के प्रति पूरी तरह आश्वासन है कि मामला सुलझ जाएगा। मित्तल ने यह बात दूरसंचार सचिव सिद्धार्थ बेहूरा की उस टिप्पणी पर कही जिसमें बेहूरा ने कहा था कि फिलहाल ब्लैकबेरी सेवाओं को प्रतिबंधित नहीं किया जा रहा है।
टाटा टेलीसर्विसेस लिमिटेड के प्रबंध निदेशक अनिल सरदाना ने कहा कि हमें यह मुद्दा बहुत शीघ्र सुलझने की उम्मीद है। वह भी बेहूरा की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया व्यक्त कर रहे थे। सरदाना ने कहा कि सरकार का रुख सकारात्मक है। उन्होंने कहा कि ये सेवाएँ 130 देशों में उपलब्ध हैं और यदि ये वहाँ सुरक्षित हैं तो यहां भी सुरक्षित होनी चाहिए।
इससे पहले सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था का हवाला देते हुए इंडीकाम की ब्लैकबेरी सेवाओं से संबद्ध आवेदन रद्द कर दिया था। गृह मंत्रालय ने पिछले सप्ताह यहाँ सर्वर के अभाव में ब्लैकबेरी सेवाओं की पेशकश से सुरक्षा को कथित खतरे को लेकर चिंता जताई थी।
सरकार ने इस आधार पर टाटा टेलीकम्युनीकेशंस एप्लीकेशंस की ब्लैकबेरी सेवा को नामंजूर कर दिया था। दूरसंचार विभाग ने एयरटेल, वोडाफोन और रिलायंस समेत अन्य ब्लैकबेरी सेवा आपरेटरों को पत्र लिखा है। ब्लैकबेरी समेत सभी मूल्य वर्धित सेवाओं के लिए सरकार की पूर्वानुमति लेनी जरूरी है जिससे कि उसे कानूनी रूप से हस्तक्षेप का अधिकार हो।
कनाडा की कंपनी द्वारा विकसित रिम ब्लैकबेरी पेंटेट सेवा है जिसके तहत मोबाइल फोन पर ईमेल आकलन की अनुमति के अलावा मोबाईल फोन की अन्य सेवाओं की सुविधा है।
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