गेहूँ खरीद के आगामी सत्र (अप्रैल-मार्च 2008-09) के दौरान 25 हजार टन से अधिक की खरीददारी करने वाली फर्मों और व्यक्तियों को इसका ब्यौरा सीधे केंद्र सरकार को देना होगा। उन्हें यह जानकारी निर्धारित प्रारूप पत्र में भरकर खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग को देनी होगी।
दस हजार टन से अधिक की खरीद की जानकारी संबंधित राज्यों के खाद्य विभाग को देनी होगी और राज्य सरकारें निर्धारित अंतराल पर इसकी जानकारी केंद्र को भेजेंगी। यह जानकारी एक सरकारी विज्ञप्ति में दी गई है।
उल्लेखनीय है कि केन्द्र ने आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत 11 फरवरी को एक अधिसूचना जारी कर कंपनियों अथवा फर्मों अथवा व्यक्तियों द्वारा गेहूँ भंडार घोषणा आदेश 2008 जारी किया। इस आदेश के संदर्भ में उन कंपनियों अथवा फर्मों अथवा व्यक्तियों द्वारा रिटर्न दाखिल करना जरूरी है, जो रबी विपणन मौसम 2008-09 के दौरान 10000 टन से अधिक गेहूँ खरीदेंगे।
उन्हें राज्य के खाद्य विभाग के सचिव को इसकी जानकारी देनी होगी कि अधिकतम मात्रा में खरीद कहाँ से की गई है। उन्हें केन्द्र सरकार द्वारा निर्धारित विशेष अंतराल और प्रपत्र में इसका रिटर्न दाखिल करना होगा।
25000 टन से अधिक की खरीद की जाती है तो ऐसे मामले में इसके लिए निर्धारित अंतराल और प्रपत्र के जरिये रिटर्न खाद्य और सार्वजनिक वितरण विभाग के पास दाखिल करना होगा।
संबंधित राज्य सरकारें किसी एक कंपनी फर्म अथवा व्यक्ति द्वारा 10000 मीट्रिक टन से अधिक मात्रा में गेहूँ की खरीद के संबंध में प्राप्त रिटर्न की जानकारी प्रत्येक माह की 10 तारीख तक केंद्रीय अवर सचिव खाद्य और सार्वजनिक वितरण विभाग के पास भेजेंगी।
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