सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक ऑफ बड़ौदा (बॉब) ने कहा है कि अमेरिका के सबप्राइम संकट से वह प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष रूप से बिल्कुल प्रभावित नहीं है।
सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों पर सबप्राइम के संभावित असर की खबरों के संबंध में बैंक ने कहा है कि सबप्राइम संकट से वह बिल्कुल अछूता है और उसका इसमें प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष रूप से कोई जुड़ाव नहीं है। बैंक ने इस संबंध में स्पष्टीकरण देते हुए हालाँकि यह स्वीकार किया है कि क्रेडिट लिंकड नोट्स (सीएलएन) के जरिए निवेश हो सकता है।
बॉब ने कहा है कि 31 दिसंबर 2007 तक उसका सीएलएन में केवल 32 करोड़ 90 लाख डॉलर अर्थात 1296 करोड़ रु. का कुल निवेश है और इसकी पूरी व्यवस्था मार्क टू मार्केट की शर्तों के अनुरूप की गई है।
बैंक ने कहा है कि 31 दिसंबर 2007 तक उसका बकाया 28 लाख 08 हजार डॉलर अर्थात 11 करोड़ 6 लाख रुपए था। बैंक ने कहा है कि यदि यह निवेश फरवरी 29 तक मार्क टू मार्केट निवेश का है तो 25 लाख डॉलर अथवा 10 करोड़ रु. का अतिरिक्त प्रावधान किया जाएगा। बॉब ने कहा है कि बैंक का विदेशों में ऋण वायदा कारोबार और क्रेडिट डिफाल्ट स्वैप्स में कोई देनदारी नहीं है।
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