वित्तमंत्री पी. चिदंबरम ने कुछ क्षेत्रों में आपूर्ति और माँग में असंतुलन के बावजूद महँगाई को काबू में रखने के लिए कंपनियों से दामों में बढ़ोतरी नहीं करने का आग्रह किया है।
चिदंबरम ने यहाँ भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि विश्व बाजार में आवश्यक जिंसों की कीमतों में बढ़ोतरी से कुछ क्षेत्रों में माँग और आपूर्ति में असंतुलन बना हुआ है और इसका महँगाई पर असर है। उन्होंने कहा कि इस स्थिति के बावजूद महँगाई को काबू में रखने के लिए कंपनियाँ कीमतों में बढ़ोतरी न कर सहयोग करें।
उन्होंने कहा कि कंपनियों को दाम बढ़ाने की बजाय कुशलता को बढ़ाना चाहिए। एकाधिकार एवं प्रतिबंधात्मक व्यापार व्यवहार आयोग के हाल के महीनों में दो निर्णयों का जिक्र करते हुए चिदंबरम ने कहा कि इसमें सीमेंट निर्माताओं के समूह बनाकर दामों में बढ़ोतरी का उल्लेख किया गया है।
वित्तमंत्री ने कहा- सीमेंट, ऑटोमोबाइल, फार्मास्युटिकल्स और कागज जैसे उद्योगों से दामों को नीचा रखने के इस वर्ष संभावित बढ़ती माँग को पूरा करने के लिए क्षमता बढ़ाने पर जोर दें। चिदंबरम ने कहा कि बजट में सीमा और उत्पाद शुल्कों में कटौती और आयकर छूट की सीमा बढ़ाए जाने से माँग में बढ़ोतरी होगी।
चिदंबरम ने कहा कि रुपए की मजबूती से निर्यातकों को हो रहे नुकसान के लिए सरकार मदद करने की इच्छुक है। उन्होंने राज्य सरकारों से आग्रह किया कि निर्यातकों द्वारा अदा किए गए सभी स्थानीय करों का भुगतान किया जाना चाहिए। गौरतलब है कि चालू वित्त वर्ष के पहले नौ माह के दौरान देश के औद्योगिक उत्पादन में 9 प्रश की बढ़ोतरी हुई है जबकि पिछले साल आलोच्य अवधि में यह 11.2 प्रश थी।
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