तेल निर्यातक राष्ट्र संगठन (ओपेक) की पाँच मार्च को प्रस्तावित बैठक में कच्चे तेल के दाम एक सौ डॉलर प्रति बैरल से नीचे उतरने के आसार नहीं है क्योंकि तेल का उत्पादन बढ़ाने के लिए सदस्य देशों में एक राय नहीं है।
हालाँकि कच्चे तेल के उपभोक्ता देशों ने अमेरिका के नेतृत्व में ओपेक के देशों से कच्चे तेल का उत्पादन बढ़ाने की अपील की है जबकि ओपेक के सदस्य देशों का मानना है कि इसकी जरूरत नहीं है क्योंकि बाजार में पर्याप्त कच्चा तेल है।
ओपेक देशों का कहना है कि कच्चे तेल के दाम बढ़ने के कारणों डॉलर का कमजोर होना और राजनीतिक स्थितियों आदि पर उनका कोई नियंत्रण नहीं है।
लीबिया के शीर्ष के तेल अधिकारी शोकरी घेनम ने यहाँ पहुँचने पर बताया कि बुधवार का होने वाली बैठक में तेल उत्पादन में परिवर्तन होने की कोई संभावना नहीं है। ऐसा लगता है कि चीजें ऐसी ही रहेगी जैसी हैं। बाजार में कच्चे तेल के दाम आज उस समय ऊँचे बोले गए जब वेनेजुएला और इक्वाडोर ने कोलंबिया से सटी सीमा पर अपने सैनिक तैनात कर दिए।
ओपेक के सबसे प्रभावशाली सदस्य सउदी अरब ने बैठक में अपना उत्पादन नहीं घटाने का निश्चय किया है। विश्व में कुल तेल उत्पादन में ओपेक की हिस्सेदारी एक तिहाई है। पिछली एक फरवरी को हुई बैठक में भी तेल का उत्पादन नहीं बढ़ाने का निश्चय किया गया था। ओपेक ने पिछले वर्ष एक सितंबर के बाद से तेल का उत्पादन नहीं बढ़ाया है।
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