साल 2008 देश में तेल एवं गैस क्षेत्र को नई खुशियाँ दे सकता है। राजस्थान के बीकानेर में केयर्न एनर्जी व्यावसायिक तौर पर कच्चे तेल का उत्पादन शुरू कर सकती है जिससे घरेलू स्तर पर होने वाले कुल कच्चे तेल उत्पादन में 20 प्रतिशत तक वृद्धि हो सकती है। उधर कृष्णा गोदावरी बेसिन में रिलायंस जुलाई 2008 से गैस का उत्पादन शुरू कर देगी।
गहरे पानी स्थित दो कुओं से शुरू में प्रतिदिन चार करोड़ घनमीटर गैस का उत्पादन होने की उम्मीद है, जो कि बाद में बढ़कर आठ करोड़ घनमीटर प्रतिदिन हो जाएगी। ताप्ती गैस क्षेत्र से चालू वित्त वर्ष के अंत तक प्रतिदिन 25 लाख घनमीटर गैस उत्पादन बढ़ने की उम्मीद लगाई गई है। गैस उत्पादन बढ़ाने के कार्यों के पूरा होने पर ओएनजीसी रिलायंस बीजी द्वारा विकसित इस क्षेत्र से प्रतिदिन कुल 120 लाख घनमीटर गैस का उत्पादन होने लगेगा।
2012 तक उत्पादन दुगना होगा देश में तेल और गैस का उत्पादन करने वाली सार्वजनिक क्षेत्र की सबसे बड़ी कंपनी तेल एवं प्राकृतिक गैस निगम लिमिटेड (ओएनजीसी) को भी कृष्णा गोदावरी बेसिन में गैस मिली है। कंपनी द्वारा जारी तेल एवं गैस उत्पादन गतिविधियों के चलते वर्ष 2011-12 तक देश में प्राकृतिक गैस उत्पादन दुगुने से भी अधिक होने का अनुमान लगाया गया है।
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री मुरली देवड़ा देश में तेल एवं गैस उत्पादन गतिविधियों को बढ़ाने की दिशा में विशेष प्रयास कर रहे हैं। हाल ही में तेल एवं गैस खोज के लिए नई लाईसेंसिंग नीति के तहत सातवें दौर में 57 ब्लॉक की पेशकश की गई।
गत वर्षों में तेल उत्पादन सुधरा देश में वर्ष 2006-07 में कच्चे तेल का कुल उत्पादन करीब 3.40 करोड़ टन आँका गया। चालू वित्त वर्ष की पहली छःमाही में 1.69 करोड़ टन उत्पादन होने का अनुमान है। वर्ष 2003-04 में कच्चे तेल का घरेलू उत्पादन 3.33 करोड़ टन हुआ था। इस लिहाज से पिछले तीन चार सालों में घरेलू स्तर पर कच्चे तेल उत्पादन में मामूली सुधार ही हुआ है। कच्चे तेल का घरेलू उत्पादन 3.40 करोड़ टन के मुकाबले देश में पेट्रोलियम उत्पादों की खपत करीब 12 करोड टन के आसपास है।
गैस उत्पादन में सुधार की आशा जहाँ तक गैस उत्पादन की बात है। पिछले वित्त वर्ष में सरकारी, संयुक्त उद्यमों और निजी कंपनियों द्वारा कुल 31.75 अरब घनमीटर गैस का उत्पादन किया गया। इस साल के शुरुआती छः महीनों में 15.77 अरब घनमीटर गैस उत्पादन होने का अनुमान लगाया गया है। यदि वर्ष 2003-04 के कुल गैस उत्पादन से इसकी तुलना की जाए तो देश में गैस उत्पादन कम हुआ है। तीन साल पहले 31.96 अरब घनमीटर गैस उत्पादन हुआ था जो कि 2005-06 में 32.20 अरब घनमीटर तक पहुँच गया था। बहरहाल, इस साल इसमें काफी सुधार की उम्मीद की जा रही है।
अगले साल गैस उत्पादन दुगुना पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री मुरली देवड़ा के मुताबिक तो 2009 में ही गैस का प्रतिदिन होने वाला उत्पादन दुगुना हो जाएगा। देवड़ा ने भुवनेश्वर में मंत्रालय से जुड़ी संसदीय सलाहकार समिति को बताया कि नई तेल खोज लाईसेंसिंग नीति (नेल्प) के तहत जारी गतिविधियों के परिणामस्वरूप देश में मार्च 2009 तक प्राकृतिक गैस का उत्पादन वर्तमान 9.50 करोड़ घनमीटर प्रतिदिन से बढ़कर 19 करोड़ घनमीटर प्रतिदिन तक हो जाएगा।
देवड़ा ने यह भी कहा था कि चालू वित्त वर्ष में ही देश में कोयला खानों से मीथेन गैस भी निकलनी शुरू हो जाएगी। कोयला भंडारों की तलहटी से निकलने वाली मीथेन गैस, जिसे (सीबीएम) भी कहा जाता है, का उत्पादन करीब 3.78 अरब घनमीटर तक होने का अनुमान लगाया गया है।
|