अक्सर बड़ा निवेश टैक्स बचाने के इरादे से किया जाता है। इस तरह के निवेश में निवेशक की कोशिश होती है कि उसे ज्यादा से ज्यादा लाभ हो सके। जब बात टैक्स बचाने की हो तो हमारे पास निवेश करने के कई तरीके हैं।
जैसे म्यूच्युअल फंड, इक्विटी लिंक्ड सेविंग्स स्कीम, लाइफ इंश्योरेंस, इंफ्रास्ट्रक्चर बॉन्ड्स, नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट। इनमें से म्यूच्युअल फंड, इक्विटी लिंक्ड सेविंग्स स्कीम, इंफ्रास्ट्रक्चर बॉन्ड्स में रिस्क फेक्टर है, जबकि पीपीएफ अकाउंट, लाइफ इंश्योरेंस, नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट में नियत लाभ हैं। अगर आपका जीवन बीमा नहीं है तो फौरन करवाएँ और टैक्स बचाने में इसका लाभ लें।
यदि आपकी आयु 25 से 35 वर्ष के बीच है तो आप ऐसे लोगों में शामिल हैं जो विवाहित हैं और जिनके बच्चे हैं। वे परिवार में अहम स्थान रखते हैं, इसलिए यदि अब तक आपने अपना जीवन बीमा नहीं करवाया है तो तुरंत करवाएँ क्योंकि आप अपने परिवार के लिए खास हैं।
उम्र के इस दौर में आप युवा हैं इसलिए टैक्स सेविंग्स म्यूच्युअल आपके लिए बेहतर होगा। इससे आप न केवल टैक्स बचा सकेंगे बल्कि निवेश का लाभ भी ले सकेंगे। इसके अलावा आप पीपीएफ अकाउंट और नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट में भी कुछ निवेश कर सकते हैं। पीपीएफ अकाउंट और नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट में निवेश के तीन वर्ष बाद आप अपनी जरूरतों के मुताबिक लोन भी ले सकते हैं।
यदि आपकी आयु 45 वर्ष या उससे अधिक है तो आप अपनी बीमा पॉलिसी पर फिर गौर करें, क्योंकि यह उस वक्त काफी थी, जब आप युवा थे। उम्र के इस दौर में आपकी जरूरत तुलनात्मक रूप से अलग हो सकती है। साथ ही आपके टैक्स सेविंग्स प्लान, पीपीएफ अकाउंट और नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट पहले की तरह ही बने रहने दें।
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