बैंकों की ओर से हल्की डॉलर माँग के कारण अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले रुपया थोड़ा कमजोर होकर 39.53-54 रुपए प्रति डॉलर पर बंद हुआ।
सोमवार और मंगलवार को रुपया क्रमश: 10 पैसे और 11 पैसे कमजोर हुआ था क्योंकि डॉलर की सीमित उपलब्धता के बीच इसकी माँग बढ़ गई थी। बाजार सूत्रों ने कहा कि डॉलर की कमी वैश्विक स्तर पर इसकी अनुपलब्धता को दर्शाते हैं।
रिलायंस पावर के आईपीओ से डॉलर की वापसी के बाद विदेशी बैंकों की ओर से डॉलर की माँग बढ़ गई। अन्तरबैंकिंग विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया 39.50- 51 रुपए प्रति डॉलर पर बेहतर खुला तथा 39.46 और 39.56 रुपए प्रति डॉलर के दायरे में उतार-चढ़ाव के बाद 39.53-54 रुपए प्रति डॉलर पर बंद हुआ।
यह 39.5150-5250 रुपए प्रति डॉलर पर बंद हुआ था। बाजार सूत्रों ने रुपए में आरंभिक तेजी का कारण अमेरिकी बाजार में मंदी की संभावना को बताया। इस बीच भारतीय रिजर्व बैंक ने संदर्भ दर 39.48 रुपए प्रति डॉलर और 57.75 रु. प्रति यूरो निर्धारित किया है।
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