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मप्र में प्रति व्यक्ति आय 2.9 प्रश बढ़ी
खनिज प्रधान राज्य उड़ीसा और झारखंड में औद्योगिक गतिविधियाँ बढ़ने के कारण प्रति व्यक्ति आय में तेजी से इजाफा हो रहा है।

मध्यप्रदेश में विकास योजनाएँ शुरू होना अभी बाकी है, इसलिए यहाँ प्रति व्यक्ति आय 12 हजार 566 रु. प्रतिवर्ष है। प्रदेश में प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि दर महज 2.9 प्रतिशत है। एसोसिएटेड चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज ऑफ इंडिया (एसोचैम) की यहाँ जारी रिपोर्ट 'राज्यों में प्रति व्यक्ति आय' में यह खुलासा किया गया है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि झारखंड में प्रति वर्ष 14 हजार 990 रु. प्रति व्यक्ति आय हो गई है और यह 16.6 प्रतिशत की दर से बढ़ रही है। राज्य में खनिजों के भंडार और अन्य प्राकृतिक संसाधनों के कारण इस्पात, सीमेंट और ऊर्जा क्षेत्र में भारी निवेश करने के प्रस्ताव मिल रहे हैं। इनसे राज्य में रोजगार के अवसर भी उपलब्ध होंगे।

रिपोर्ट के अनुसार उड़ीसा में प्रति व्यक्ति आय 11.5 प्रतिशत की दर से बढ़ रही है और फिलहाल यह 14 हजार 795 रु. तक पहुँच गई है । राज्यों में प्रति व्यक्ति आय बढ़ने का प्रभाव ऊर्जा की खपत और जीवन स्तर में साफ दिख रहा है।

कर्नाटक, तमिलनाडु और गुजरात में भारी निवेश होने के कारण रोजगार के अवसर बढ़े हैं और इन राज्यों में प्रति व्यक्ति आय राष्ट्रीय औसत 20 हजार 734 से अधिक हो गई है । कर्नाटक में प्रति व्यक्ति आय में 9.28 प्रतिशत की वृद्धि दर होकर 21 हजार 829 रु. प्रति वर्ष तक पहुँच गई है, जबकि तमिलनाडु में इसकी वृद्धि दर 8.46 प्रतिशत प्रतिवर्ष है और यह 24 हजार 308 रु. है।

औद्योगिक रूप से संपन्ना गुजरात में प्रति व्यक्ति आय 8.92 प्रतिशत की दर से बढ़ी है। राज्य में प्रति व्यक्ति आय 26 हजार 643 रु.है। दिल्ली में प्रति व्यक्ति आय 6.9 प्रतिशत की दर से बढ़कर 49 हजार 172 रुपए पहुँच गई है जबकि गोआ में प्रति व्यक्ति आय 47 हजार 507 रु. है और वृद्धि दर 6 प्रतिशत है ।

रिपोर्ट में कहा गया है कि राजनीतिक, सामाजिक व आर्थिक मोर्चे संघर्ष कर रहे छत्तीसगढ़ में प्रति व्यक्ति आय में 8.8 प्रश की संतोषप्रद वृद्धि है जबकि औसत आय 16 हजार 365 रु.बनी हुई है।

मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश और बिहार में विकास योजनाएँ शुरू होना अभी बाकी है इसलिए इनकी प्रति व्यक्ति आय क्रमशः 12 हजार 566 रु., 10 हजार 637 रु. और 6610 रुपए प्रतिवर्ष है। इन तीनों राज्य में वृद्धि दर मध्यप्रदेश में 2.9 प्रश, उत्तरप्रदेश में 3.1 प्रश और बिहार में 3.7 प्रश है। रिपोर्ट में दर्शाया गया है कि सात राज्यों में प्रति व्यक्ति आय की वृद्धि दर राष्ट्रीय वृद्धि दर 8.4 प्रश से कम है।

राष्ट्रीय स्तर पर प्रति व्यक्ति आय वर्ष 2006 में 20 हजार 734 रु. तथा वर्ष 2007 में यह 22 हजार 483 रु. थी। घरेलू और विदेशी स्तर पर भारी निवेश को आकर्षित करने वाले महाराष्ट्र में प्रति व्यक्ति आय की वृद्धि दर 7.3 प्रश है और प्रति व्यक्ति आय 29 हजार 85 रु. हैं। उत्तराखंड में यह वृद्धि दर सात प्रश है जबकि प्रति व्यक्ति आय 20 हजार 328 रु. है।

हरियाणा में सूचना प्रौद्योगिकी, कृषि, रियल इस्टेट, इंजीनियरिंग और निर्माण गतिविधियों के कारण प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि की दर 6.5 प्रश तक बनी हुई है और प्रति व्यक्ति आय 29 हजार 887 रु. हो गई है। प. बंगाल में प्रति व्यक्ति आय की वृद्धि दर छः प्रतिशत व प्रति व्यक्ति आय 20 हजार 328 रु बनी हुई है। राज्य सरकार ने स्टील, रियल इस्टेट, ऊर्जा, खुदरा बाजार व सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भारी निवेश की अनुमति दे दी है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि कुछ ऐसे भी राज्य हैं जिनकी प्रति व्यक्ति आय पर राष्ट्रीय स्तर पर हो रहे आर्थिक विकास का कोई असर नहीं पड़ा है जबकि केरल में यह दर सात प्रतिशत और आंध्रप्रदेश में यह 8.8 प्रतिशत है। हिमाचल प्रदेश में कम निवेश होने के कारण प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि दर 5.34 प्रतिशत रही है जबकि प्रति व्यक्ति आय 27 हजार 162 रु. है। पंजाब में प्रति व्यक्ति आय की वृद्धि दर मात्र 2.9 रही है और प्रति व्यक्ति आय 28 हजार 608 रुपए है।
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