सबप्राइम संकट, इस्पात, सीमेंट एवं जमीन की आसमान छूती कीमतों और बाजार में पूँजी की कम उपलब्धता ने देश में बूम कर रहे रियलटी क्षेत्र के निवेशकों और डेवलपरों को मुश्किल में डाल दिया है और उससे प्रापर्टी की कीमतें 15 से 50 प्रतिशत...
अमेरिका में ब्याज दर घटने और खाड़ी देशों की क्रूड में हुई जमकर कमाई से आए पैसे ने भारतीय शेयर बाजार को एक बार फिर पंख लगा दिए हैं। भारतीय रिजर्व बैंक के सख्त मौद्रिक कदम, बढ़ती महँगाई दर को नजरअंदाज कर शेयर बाजार कुलाँचें भर रहा है।