केन्द्रीय मंत्री विलासराव देशमुख की हालत स्थिर बनी हुई है। उन्हें अब भी जीवन रक्षक प्रणाली पर रखा गया है। लिवर और किडनी में तकलीफ के चलते देशमुख को शहर के पेरुंबकम इलाके में सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
अस्पताल के एक प्रवक्ता ने बताया कि देशमुख की हालत स्थिर है। उन्हें वेंटीलेटर पर रखा गया है। वे अभी वेंटीलेटर पर ही रहेंगे। उनके पुत्र रितेश देशमुख अपने पिता को लिवर दान करने के लिए तैयार हैं, लेकिन देशमुख की हालत में सुधार होने पर ही लिवर प्रत्यारोपण के बारे में कोई निर्णय लिया जा सकता है।
सूत्रों के अनुसार देशमुख का कुशलक्षेम जानने के लिए इस बीच आज कई राजनेता अस्पताल पहुंचे। उन्होंने देशमुख के बेहतर उपचार के लिए चिकित्सकों से बातचीत भी की।
आज अस्पताल आने वालों में महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण, केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष रमेश चेन्नीथला, द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के सांसद एमके अलागिरि और नेपेलियन तथा द्रमुक के संसदीय पार्टी नेता टीआर बालू थे।
गत बुधवार को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण उपमुख्यमंत्री अजीत पवार और मंत्रिमंडल के आठ अन्य सदस्यों के साथ अस्पताल पहुंचे थे। तमिलनाडु के राज्यपाल के रोसैया और स्वास्थ्य मंत्री वीएस विजय ने गुरुवार को अस्पताल पहुंचकर देशमुख का कुशलक्षेम जाना।
चेन्नीथला ने बताया कि देशमुख की हालत स्थिर है और उनके स्वास्थ्य में सुधार हो रहा है। उन्होंने कहा कि मैंने चिकित्सकों और केन्द्रीय मंत्री के रिश्तेदारों से बातचीत की है और उन्होंने बताया कि देशमुख के स्वास्थ्य में काफी सुधार हुआ है। हम उनके जल्द ठीक होने की भगवान से कामना करते हैं।
अलागिरि ने कहा कि संक्रमण के खतरे को देखते हुए व्यक्तिगत तौर पर हमें देशमुख से मिलने की इजाजत नहीं दी गई, लेकिन चिकित्सकों का कहना है कि उनकी हालत में लगातार सुधार हो रहा है।
गौतरलब है कि देशमुख की हालत ज्यादा खराब होने पर गत सोमवार रात को उन्हें मुंबई के ब्रीच केंडी अस्पताल से विशेष विमान से यहां लाया गया था। सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में लीवर प्रत्यरोपण विशेषज्ञ मोहम्मद रेला के नेतृत्व में देशमुख का उपचार चल रहा है। (भाषा)