मध्यप्रदेश में पिछले दो-तीन दिनों से जारी तेज बारिश के कारण भोपाल, उज्जैन, इंदौर और होशंगाबाद संभागों में अनेक स्थानों पर नदी-नालों में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। बाढ़ के कारण कच्चे मकान ढहने और फसलों आदि को नुकसान पहुंचने की खबर है।
इंदौर संभाग मुख्यालय पर बारिश के दौरान पेड़ गिरने के कारण एक महिला की मौत हो गई और दो अन्य घायल हो गए। जिनका एक सरकारी अस्पताल में इलाज चल रहा है। महिला का नाम चंदाबाई (55) है और उसके पति जगदीश तथा एक अन्य संजय घायल हैं। यह तीनों नवलखा क्षेत्र में अपने कच्चे मकान की छत पर चादर चढ़ा रहे थे, तभी पेड़ गिरने से यह हादसा हुआ।
उज्जैन संभाग के शाजापुर जिले के मक्सी थाना क्षेत्र में चिल्लर नदी के पास रविवार सुबह तीन बसों में सवार लगभग दो सौ यात्री बाढ़ के पानी में फंस गए। युद्धस्तर पर किए गए राहत और बचाव कार्य के जरिए अपरान्ह तक सभी को सुरक्षित बचा लिया गया।
इसके अलावा सीहोर जिले के आष्टा और आसपास के गांवों में बारिश का दौर दो दिनों की अपेक्षा कम होने से बाढ़ की स्थिति में सुधार हुआ है। आष्टा में राहत शिविरों में रूके हुए लगभग 500 लोगों को आज घर जाने दिया गया।
यहां मिली खबरों के अनुसार दो-तीन दिनों से जारी तेज वर्षा के कारण हरदा, सीहोर, उज्जैन, देवास, राजगढ़, होशंगाबाद, रायसेन, शाजापुर, इंदौर, खंडवा, बुरहानपुर और इनसे लगे इलाके सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं।
स्थानीय मौसम केंद्र के निदेशक डीपी दुबे ने बताया कि झारखंड और उत्तर-पश्चिम मध्यप्रदेश के ऊपर बने सिस्टम के कारण राज्य में खासतौर से पश्चिमी और दक्षिणी हिस्से में दो-तीन दिनों से जोरदार बारिश हो रही है। उन्होंने कहा कि एक-दो दिन में यह सिस्टम नरम पड़ जाएगा, लेकिन बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का एक नया सिस्टम बन रहा है, जिसके चलते राज्य में इस सप्ताह बारिश का क्रम चलता रहेगा। (वार्ता)