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असम में लगातार बारिश से बाढ़ की स्थिति और बिगड़ गई है। राज्य के 23 जिलों में विभिन्न इलाकों के जलमग्न होने और भूस्खलन से 10 और लोगों की मौत हो गई। बाढ़ की चपेट में आकर अब तक 20 लोगों की जान जा चुकी है

सूत्रों ने बताया है कि शहर के धीरेनपाड़ा इलाके में भूस्खलन से एक महिला और उसके दो बच्चों की मौत हो गई, वहीं दीमा हसाओ जिले में दो अन्य लोग भी इसकी चपेट में आ गए। धेमाजी, लखीमपुर, नगांव, कामरूप (ग्रामीण) और काचर जिले में भी एक-एक व्यक्ति की मौत हो गई।

तिनसुकिया, दारांग, बोंगाइगांव, जोरहाट, कामरूप (मेट्रो), गोलाघाट, काचर, कोकराझाड़, नलबाड़ी, सोनितपुर, कर्बी आंगलांग, डिब्रुगढ आदि 23 जिलों में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है।

भारी बारिश के कारण ब्रह्मपुत्र का जलस्तर बढ़ा है, जिससे एशिया का सबसे बड़ा नदी द्वीप जोरहट जिले के मजूली के डूबने की आशंका है। बाढ़ के कारण द्वीप के प्रसिद्ध वैष्णव मठ पर भी चिंता के बादल मंडरा रहे हैं। ब्रह्मपुत्र और बराक घाटी दोनों में जलस्तर बढ़ा है, वहीं भूस्खलन से दीमा हसाओ हिल जिले में सड़क और रेल संपर्क बाधित हुआ है।

जोरहट जिला अधिकारियों ने कहा कि मजूली में राहत और बचाव अभियान के लिए जल्दी ही कोलकाता से नेशनल डिजास्टर रिस्पांस फोर्स (एनडीआरएफ) टीम आने वाली है। बाढ़ के कारण इस द्वीप में 50,000 से ज्यादा परिवार फंसे हुए हैं। कई सड़कों के जलमग्न होने के कारण सड़क संपर्क भंग है। जल संसाधन मंत्री और स्थानीय विधायक राजीव लोचन पेगु ने द्वीप का दौरा किया है, जहां पुनर्वास के लिए 6 शिविर बनाए गए हैं।

ब्रह्मपुत्र, सुबंसारी और अन्य नदी में बाढ़ से लखीमपुर जिले में दो लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं। जिले में बाढ़ में एक 70 वर्षीय व्यक्ति बह गया। एनडीआरएफ ने लखीमपुर और पड़ोसी धेमाजी जिले में बचाव अभियान शुरू कर दिया है। धेमाजी जिले के मछकोवा में 50,000 से ज्यादा लोग बाढ़ के आगे असहाय नजर आ रहे हैं। इस जिले में 17 शिविर बनाए गए हैं।

सूत्रों का कहना है कि ब्रह्मपुत्र में बाढ़ से समूचा काजीरंगा राष्ट्रीय पार्क प्रभावित हुआ है और जानवर राष्ट्रीय राजमार्ग 37 पार कर उंचाई वाले क्षेत्र कर्बी आंगलोंग पहाड़ी की ओर जा रहे हैं। गोलाघाट जिला प्रशासन ने कहा है कि शिकार रोकने के लिए पार्क के नजदीक राजमार्ग पर धारा 144 लगाई गई है।

मोरीगांव में ब्रह्मपुत्र में बाढ़ से पवित्र राष्ट्रीय पार्क का लगभग आधा हिस्सा जलमग्न है। धुबरी जिले में बिलासपाड़ा, दक्षिण सलमाड़ा और हाटीसिंगमारी प्रखंड के कई गांवों में कृषि योग्य भूमि डूब चुकी है। नलबाड़ी जिले में तिहू, बोरभुग, गोघरपुर और धमदाहा में एक लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं। डोलकानिया और अखारा में नदी में जलस्तर बढ़ने से 40 गांव जलमग्न हो गए हैं।

कामरूप ग्रामीण जिले के रांग्या सब डिवीजन में मोरीबाड़ी में एक व्यक्ति बह गया, वहीं दीमा हसाओ हिल जिले में भूस्खलन से दो लोग मारे गए और चार जख्मी हो गए।

दीमा हसाओ जिले के मेलोंगदिसीया और हरेनगाजाओ के 130 किलोमीटर की दूरी के बीच 51 जगहों पर भूस्खलन, मिट्टी खिसकने से रेल सेवा बाधित हुई है। मेघालय के सोनपुर में राष्ट्रीय राजमार्ग 44 पर भूस्खलन से बराक घाटी, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा का सड़क संपर्क टूट गया है।

बराक नदी में हर घंटे जलस्तर 8 सेमी बढ़ रहा है। काचर जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग पर पानी के बहाव में एक व्यक्ति की मौत हो गई। बराक नदी में जलस्तर बढ़ने के कारण कतिगोराह, बोरखुला, उदरबंद और लखीमपुर में कई गांव जलमग्न हो चुके हैं।

वर्तमान में अमेरिका के दौरे पर गए मुख्यमंत्री तरुण गोगोई ने मंत्रियों को बाढ़ प्रभावित जिलों में बाढ़ की स्थिति पर नजर रखने को कहा है और स्थिति पर नियंत्रण के लिए फौरन कदम उठाने को कहा है। (भाषा)
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