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उच्चतम न्यायालय के आदेश के बाद दूरसंचार नियामक ट्राई ने 2जी स्पेक्ट्रम की नीलामी की प्रक्रिया शुक्रवार से शुरू कर दी और सभी संबंधित पक्षों की राय जानने के लिए परामर्श पूर्व दस्तावेज जारी किया।

शीर्ष अदालत ने कल निर्णय में 122, 2जी स्पेक्ट्रम लाइसेंस रद्द कर दिए और उसकी नीलामी करने का आदेश दिया।

भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) के प्रधान सलाहकार सुधीर गुप्ता ने बयान में कहा कि केंद्र सरकार के 2011 में किए गए निर्णय को ध्यान में रखते हुए ट्राई नीलामी के जरिए लाइसेंस प्रदान करने तथा 22 सर्विस क्षेत्रों में 2जी बैंड में स्पेक्ट्रम आवंटित करने के लिए फिर से सिफारिश देगा।

इस मामले में वहीं प्रक्रिया अपनाई जाएगी जो 3जी बैंड के मामले में किया गया था। ऐसा अनुमान है कि 122 लाइसेंस रद्द होने से 2जी का 536 मेगाहट्र्ज स्पेक्ट्रम खाली होगा।

दूरसंचार दरों में बढ़ोतरी तय : 2जी लाइसेंस रद्द करने के फैसले के बाद देश में निचली कॉल दरों का दौर खत्म हो जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि फोन की कॉल दरों में बढ़ोतरी इस फैसले के बाद लगभग तय है। इस समय देश में कॉल दरें दुनिया में सबसे कम दरों में से हैं।

माना जा रहा है कि शीर्ष अदालत के फैसले के बाद पुराने खिलाड़ियों को कॉल दरें बढ़ाकर अपना मार्जिन बढ़ाने का मौका मिलेगा।

क्रिसिल रिसर्च के एक बयान में कहा गया है कि ऑपरेटरों की संख्या घटने से पुराने ऑपरेटर कॉल दरें बढ़ाने के लिए बेहतर स्थिति में होंगे। बयान में कहा गया है कि लाइसेंस रद्द होने के कारण जो नए ऑपरेटर आएंगे उन्हें स्पेक्ट्रम का आवंटन नीलामी के जरिए किया जाएगा। इससे उनकी लागत बढ़ जाएगी, जिससे निश्चित रूप से कॉल दरों में बढ़ोतरी होगी।

गार्टनर ने कहा है कि लाइसेंस रद्द किए जाने से पुराने ऑपरेटरों के पास 3जी और अन्य ढांचे में अपने बढ़े निवेश की लागत निकालने का मौका है।

गार्टनर के अनुसंधान निदेशक कमलेश भाटिया ने कहा सामान्य तौर पर हम दरांे में 20 प्रतिशत की वृद्धि की उम्मीद कर रहे हैं। मार्जिन पर दबाव की वजह से पुराने ऑपरेटर दरों में बढ़ोतरी कर 3जी और बीडब्ल्यूए में किए गए अपने निवेश को निकालने का प्रयास करेंगे।

विशेषज्ञों ने कहा कि इससे कॉल दरें तर्कसंगत हो सकेंगी। कॉल दरें प्रतिस्पर्धा की वजह से कृत्रिम हो गई थीं। नई दूरसंचार ऑपरेटर यूनिनार ने कहा कि दिल्ली में मोबाइल उपभोक्ता कुछ सेवा क्षेत्रों में मुंबई की तुलना में 60 फीसद ऊंची दर अदा कर रहे हैं।

उच्चतम न्यायालय के फैसले से यूनिनार का लाइसेंस भी रद्द हुआ है। यूनिनार दो पैसे प्रति मिनट की कॉल दर की पेशकश कर रही थी। (भाषा)
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