दिल्ली में रह रहे पूर्वोत्तर के लोगों को, खासकर रमजान के बाद निशाना बनाने संबंधी एसएमएस शनिवार को यहां भी नजर आया जिसके बाद पुलिस ने इस समुदाय के लोगों से ऐसे एसएमएस पर विश्वास न करने का आग्रह करते हुए कहा कि सुरक्षा के पर्याप्त उपाय किए जा रहे हैं।
संयुक्त पुलिस आयुक्त रॉबिन हिबू ने बताया कि दिल्ली में पूर्वोत्तर के लोगों को खासकर रमजान के बाद निशाना बनाने संबंधी फर्जी एसएमएस भेजे जा रहे हैं। इन पर विश्वास मत कीजिए। स्थिति सामान्य है। पूर्वोत्तर के लोगों के खिलाफ कोई हिंसा नहीं हो रही है।
उन्होंने कहा कि पुलिस ने पूर्वोत्तर के लोगों की सुरक्षा के लिए जिले, विशेष शाखा और पीसीआर के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ हालात की समीक्षा की है। दिल्ली पुलिस आयुक्त नीरज कुमार ने कल देर रात ट्विटर पर ट्वीट किया कि पूर्वोत्तर के मित्रगण, कृपया अफवाहों पर ध्यान न दें।
अफवाह केवल अफवाह होती है। कृपया उनसे बचें। हम आपके साथ हैं। घबराने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि स्थिति शांतिपूर्ण है। पूरी तरह सतर्कता बरती जा रही है। पुलिस ने जनकपुरी, महिपालपुर, मुनीरका, मुखर्जी नगर में रह रहे पूर्वोत्तर के निवासियों के साथ सुरक्षा में समन्वय के लिए बैठकें कीं।
हिबू ने कहा कि पूर्वोत्तर के निवासियों की बहुलता वाले इलाकों में लगातार गश्त की जा रही है। कोई भी अफवाह पर ध्यान न दें और या तो 100 नंबर पर डायल करें या फिर स्थानीय पुलिस को सूचना दें।
उन्होंने कहा कि अगर किसी को कोई संदेह हो तो वे 011-25315003 या 9810083486 नंबरों पर संपर्क करें या उनके ईमेल आईडी आरओबीआईएनएचआईबीयू एट जीमेल डॉट कॉम’ पर संपर्क करें। हिबू ने यह बात ऐसे समय पर कही है जब इन अफवाहों के चलते बड़ी संख्या में पूर्वोत्तर के लोग बेंगलूर, चेन्नई और पुणे छोड़ रहे हैं कि असम में हिंसा के संदर्भ में उन पर हमला किया जाएगा।
नीरज कुमार ने कल कहा कि पूर्वोत्तर के लोगों को दहशत में आने की या राजधानी छोड़ने की जरूरत नहीं है। उन्होंने ट्वीट किया कि हम पूर्वोत्तर के सभी लोगों को आश्वस्त करना चाहते हैं कि उन्हें दहशत में आने की या राजधानी छोड़ने की जरूरत नहीं है। परेशानी उत्पन्न करने वाली किसी भी घटना की कृपया हमें सूचना दें। मदद के लिए हम आपके साथ हैं। (भाषा)