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राष्ट्रपति चुनाव को लेकर गुरुवार को दोनों विपक्षी गठबंधनों राजग और वाम मोर्चे में दरार पड़ गई जिससे संप्रग के उम्मीदवार प्रणब मुखर्जी का देश के इस शीर्ष संवैधानिक पद पर आसीन होना लगभग पक्का हो गया है।

राजग के घटक दलों में से भाजपा ने पीए संगमा को समर्थन करने की घोषणा की, लेकिन जदयू ने संप्रग उम्मीदवार प्रणब मुखर्जी का साथ देने का ऐलान किया। शिव सेना ऐसा फैसला पहले ही कर चुका है।

वाम मोर्चे में माकपा और फॉरवर्ड ब्लॉक ने जहां संप्रग उम्मीदवार प्रणब मुखर्जी के समर्थन का फैसला किया है वहीं भाकपा और आरएसपी ने मतदान में भाग नहीं लेना तय किया है।

भाजपा और जदयू के नेताओं ने आज यहां अलग अलग प्रेस कांफ्रेंस कर ऐलान किया कि वे 19 जुलाई को होने वाले मतदान में किसका समर्थन करेंगे। जदयू के प्रणब का समर्थन कर देने से उनका 5.88 लाख मत मूल्य हासिल कर जीत दर्ज करना तय सा हो गया है। संगमा को सिर्फ 3.10 लाख मत मूल्य हासिल होने की संभावना है।

भाजपा नेताओं सुषमा स्वराज और अरुण जेटली ने संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में पार्टी की ओर से संगमा की उम्मीदवारी के समर्थन का ऐलान किया। संगमा की उम्मीदवारी का प्रस्ताव अन्नाद्रमुक और बीजद ने किया था। राजग में संगमा को लेकर आम सहमति बनाने की लंबी कसरत चली, लेकिन कामयाबी नहीं मिल पाई।

सुषमा और जेटली ने कहा कि जदयू और शिवसेना संगमा को समर्थन देने पर राजी नहीं हुए और भाजपा ने संगमा के समर्थन का फैसला किया है, लेकिन दोनों ने ही दावा किया कि इससे परिपक्व राजग गठबंधन पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

जेटली ने कहा कि हमें इस बात पर अफसोस है कि हम अपने सहयोगी दलों को राजी नहीं कर पाए। हमें अभी भी उम्मीद है कि वे अपने फैसले पर पुनर्विचार करेंगे।

संगमा को समर्थन देने की भाजपा की घोषणा के तुरंत बाद जदयू प्रमुख शरद यादव ने प्रणब के समर्थन का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम के मुकाबले में उतरने से इंकार के बाद जदयू किसी अन्य के चुनाव लड़ने के खिलाफ है। तृणमूल के साथ नहीं देने की सूरत में संप्रग के पास 4.12 लाख मत मूल्य है। लेकिन सपा के 66688, बसपा के 45473, जदयू के 40737, शिवसेना के 18495 और जद-एस के 6138 मत मूल्यों की बदौलत प्रणब जीत के लिए अपेक्षित संख्या पांच लाख 49 हजार 442 मत मूल्य हासिल कर लेंगे।

दूसरी ओर मतभेद से पहले राजग के पास 3.04 लाख मत मूल्य था, लेकिन जदयू और शिवसेना के अलग होने से यह घटकर 2.43 लाख मत मूल्य रह गया है। यदि अन्नाद्रमुक और बीजद संगमा का साथ देते हैं तो अन्नाद्रमुक के 36920 और बीजद के 30125 मत मूल्य भी जुडेंगे और संगमा 3.10 मत मूल्य हासिल कर सकेंगे।

तृणमूल कांग्रेस का मत मूल्य 45925 है, लेकिन पार्टी ने अब तक तय नहीं किया है कि वह किसका समर्थन करेगी।

उधर राष्ट्रपति चुनाव को लेकर वाम दल आज बंटे नजर आए। माकपा और फॉरवर्ड ब्लॉक ने जहां संप्रग उम्मीदवार प्रणब मुखर्जी के समर्थन का फैसला किया है वहीं भाकपा और आरएसपी ने मतदान में भाग नहीं लेना तय किया है।

माकपा नेताओं प्रकाश करात, सीताराम येचुरी, एबी बर्धन, टीजे चंद्रचूडन और देबब्रत बिस्वास की घंटे भर चली बैठक में चारों वाम दलों के बीच आम सहमति नहीं बन पाई। (भाषा)
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