राष्ट्रपति चुनाव लड़ने के लिए वित्तमंत्री पद से प्रणब मुखर्जी के इस्तीफे के बाद प्रधानमंत्री मनमोहनसिंह ने वित्त मंत्रालय का कार्यभार मंगलवार को अपने जिम्मे ले लिया। उन्होंने वित्त मंत्रालय का जिम्मा ऐसे समय लिया है, जब देश की अर्थव्यवस्था कठिन दौर से गुजर रही है।
वित्त मंत्रालय की जिम्मेदारी संभालने में प्रख्यात अर्थशास्त्री सिंह को दो राज्यमंत्री एसएस पलानिमणिकम तथा नमोनारायण मीणा सहायता करेंगे।
सिंह ऐसे समय में वित्त मंत्रालय की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं, जब देश की आर्थिक वृद्धि दर नौ साल के निम्न स्तर 6.5 प्रतिशत पर आ गई है और चालू खाता घाटा 4 प्रतिशत पर पहुंच गया है। इसके अलावा रुपया डॉलर के मुकाबले अब तक के निम्न स्तर 57.97 रुपए प्रति डॉलर के स्तर पर आ गया है। प्रधानमंत्री के पास पहले से परमाणु ऊर्जा, अंतरिक्ष, योजना, कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन विभाग है।
वीरभद्र की जिम्मेदारी विलासराव को : एक अन्य निर्णय में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री विलासराव देशमुख को सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यम मंत्रालय का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया। भ्रष्टाचार के आरोप के मद्देनजर वीरभद्रसिंह के इस्तीफे के बाद देशमुख को अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई है। (भाषा)