डीजल की कीमत में बढ़ोतरी रसोई गैस के रियायती सिलेंडरों की संख्या में कटौती तथा मल्टी ब्रांड खुदरा व्यापार में प्रत्यक्ष विदेशी पूंजी निवेश एफडीआई को मंजूरी देने के केंद्र सरकार के निर्णय के खिलाफ विपक्षी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) वामदलों तथा समाजवादी पार्टी (सपा) के भारत बंद का आज देशभर में न केवल व्यापक असर देखा गया, बल्कि सरकार के इन निर्णयों के प्रति अपना रोष व्यक्त करने के लिए विभिन्न विपक्षी दलों के चोटी के नेताओं ने गिरफ्तारियां भी दीं।
राजधानी में गिरफ्तारियां देने वाले नेताओं में सपा प्रमुख मुलायमसिंह यादव, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) महासचिव प्रकाश करात, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के पूर्व महासचिव एबी वर्द्धन, इसी पार्टी के नेता सीताराम येचुरी, पूर्व प्रधानमंत्री एवं जनता दल-एस के नेता एचडी देवगौड़ा और तेलुगुदेशम पार्टी (तेदेपा) नेता चंद्रबाबू नायडू शामिल हैं।
जंतर-मंतर पर सपा, चार वामपंथी दलों, जनता दल-एस, बीजू जनता दल (बीजद) और तेदेपा के संयुक्त प्रदर्शन की अगुआई करने के बाद ये नेता जब अपने समर्थकों के साथ संसद मार्ग थाने की ओर बढ़े तो उन्हें हिरासत में ले लिया गया।
इससे पहले जंतर-मंतर पर इन नेताओं ने प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए तब तक संघर्ष जारी रखने की घोषणा की, जब तक सरकार अपने ये निर्णय वापस नहीं लेती।
बिहार में भारत बंद का व्यापक असर देखने को मिला और इस दौरान राज्य में विभिन्न दलों के 4725 लोगों ने गिरफ्तारियां दीं। भारत बंद का सबसे अधिक असर रेल गाड़ियों के परिचालन पर पड़ा। राजधानी समेत लंबी दूरी की कई रेलगाड़ियों को बंद समर्थकों ने पटना, दरभंगा, समस्तीपुर, सीवान, आरा, मुजफ्फरपुर और जहानाबाद समेत राज्य के अन्य हिस्सों में रेल पटरी पर धरना देकर घंटों रोके रखा। बंद समर्थकों ने राष्ट्रीय राजमार्गों को भी कई स्थानों पर जाम कर दिया।
राजधानी पटना में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सीपी ठाकुर, जदयू के प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायणसिंह, राज्यसभा में विपक्ष के उप नेता रविशंकर प्रसाद, भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रो. किरण घई, भाजपा सांसद राधामोहन सिंह, जदयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता शिवानंद तिवारी और जदयू सांसद अली अनवर समेत बड़ी संख्या में राजग कार्यकर्ताओं ने डाक बंगला चौराहे पर गिरफ्तारी दी।
झारखंड में भी बंद का व्यापक असर रहा। राज्य के विभिन्न हिस्सों में 2117 लोगों को गिरफ्तार किया गया। राज्य के पुलिस महानिदेशक जीएस रथ के अनुसार बंद पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा। इस दौरान झारखंड में 2117 लोगों को गिरफ्तार किया गया। रांची में सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठान और स्कूल, कॉलेज बंद रहे। आंदोलनकारियों ने रेल के परिचालन को कई घंटों तक बाधित रखा। रांची में रैली की वजह से सड़कों पर घंटों जाम रहा।
इस बीच झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष और सांसद प्रदीप कुमार बलमुचू ने भारत बंद को झारखंड में पूरी तरह असफल करार दिया। उन्होंने कहा कि देश और प्रदेश की जनता भाजपा के दोहरे चेहरे से वाकिफ हो गई।
पश्चिम बंगाल में बंद का असर नहीं रहा। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि राज्य में बंद का कोई असर नहीं है और यहां जनजीवन सामान्य है। राइर्ट्स बिल्डिंग से जुड़े सूत्रों ने बताया कि सचिवालय में कर्मचारियों की उपस्थिति सामान्य रही, हालांकि बंद के चलते कर्मचारी कार्यालय देर से पहुंचे।
उन्होंने बताया कि प्रशासन ने बुधवार को ही एक सर्कुलर जारी कर कर्मचारियों को सूचना दे दी थी कि आज कार्यालय की छुट्टी नहीं रहेगी और कार्यालय नहीं आने वाले कर्मचारियों का वेतन काटा जाएगा। (वार्ता)